म्हाडा के अतिक्रमण निर्मूलन कक्ष की सूचना व्यवस्था पर सवाल, आठ में से तीन बिंदुओं पर जवाब देने का दावा।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता


म्हाडा के अतिक्रमण निर्मूलन कक्ष द्वारा अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए दाखिल आरटीआई आवेदन के बाद विभाग की सूचना व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने अतिक्रमण निर्मूलन की कार्रवाई से जुड़ी विभिन्न जानकारियां मांगी थीं। शेख का दावा है कि आठ बिंदुओं पर जानकारी मांगे जाने के बावजूद संबंधित कार्यालय की ओर से केवल तीन बिंदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराई गई।


शेख ने 2 सितंबर 2026 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत संबंधित जनसूचना अधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल किया था। आवेदन में जनवरी 2025 से लेकर आरटीआई आवेदन का जवाब दिए जाने की तारीख तक म्हाडा के अतिक्रमण निर्मूलन कक्ष द्वारा की गई कार्रवाई से संबंधित आठ बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी।

■ शिकायत से लेकर तोड़फोड़ तक की जानकारी मांगी


आरटीआई आवेदन में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की वर्षवार संख्या, जारी की गई नोटिसों की संख्या तथा किए गए निष्कासन और तोड़फोड़ की कार्रवाई की संख्या की जानकारी मांगी गई थी।
इसके अलावा प्रत्येक कार्रवाई से संबंधित फोटो, कार्रवाई रिपोर्ट, संबंधित व्यक्तियों से वसूल की गई राशि तथा अब तक वसूल नहीं की गई राशि का विवरण भी मांगा गया था।


अतिक्रमण निर्मूलन की कार्रवाई के दौरान मुंबई पुलिस से बंदोबस्त लेने के लिए हुए खर्च, पुलिस विभाग से मांगी गई राशि और वास्तव में भुगतान की गई राशि की जानकारी भी आवेदन में मांगी गई है।

■ ठेकेदारों की नियुक्ति की जानकारी भी मांगी


निष्कासन अथवा तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए नियुक्त ठेकेदारों की जानकारी भी मांगी गई है। शेख ने ठेकेदारों की नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत की गई, क्या निविदा अथवा कोटेशन प्रक्रिया अपनाई गई, संबंधित मंजूरियां और नियुक्ति आदेश क्या हैं, इनसे संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है।

■ आठ में से केवल तीन बिंदुओं पर जानकारी?


शेख के अनुसार, उन्होंने आठ अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी, लेकिन संबंधित कार्यालय की ओर से केवल तीन बिंदुओं पर जवाब दिया गया। उनके मुताबिक, बाकी बिंदुओं पर अपेक्षित बिंदुवार जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।


इसी को लेकर उन्होंने आरटीआई के जवाब की पूर्णता पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट और बिंदुवार दी जानी चाहिए।

■ जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी की नियुक्ति पर भी सवाल


संबंधित कक्ष में जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी कौन हैं तथा क्या इन पदों पर नियुक्तियां की गई हैं, इसे लेकर भी शेख ने सवाल उठाया है।
उन्होंने पूछा है कि यदि आरटीआई आवेदन का जवाब अधूरा मिलता है तो नागरिक को प्रथम अपील किस अधिकारी के समक्ष करनी है, सूचना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है और उपलब्ध कराई गई जानकारी की पूर्णता एवं शुद्धता की जांच कौन करेगा।


■ कार्रवाई के प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग


शेख का कहना है कि म्हाडा की जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान शिकायत प्राप्त होने से लेकर नोटिस जारी करने, निष्कासन अथवा तोड़फोड़, पुलिस बंदोबस्त, उस पर हुए खर्च और ठेकेदार की नियुक्ति तक प्रत्येक चरण का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए।


उनके अनुसार, इन रिकॉर्ड के आधार पर यह जांचा जा सकता है कि अतिक्रमण निर्मूलन की कार्रवाई किस प्रक्रिया के तहत की गई, इसमें कितना खर्च हुआ, किस ठेकेदार को काम सौंपा गया और संबंधित प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गई या नहीं।


शेख ने आरटीआई आवेदन में पूछे गए सभी आठ बिंदुओं पर स्पष्ट, बिंदुवार और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जानकारी देने की मांग की है। साथ ही संबंधित विभाग में जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी की नियुक्ति की स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की है।


इस मामले में म्हाडा की ओर से सभी आठ बिंदुओं पर वास्तव में कौन-सी जानकारी उपलब्ध कराई गई और शेष जानकारी के संबंध में विभाग का आधिकारिक पक्ष क्या है, यह स्पष्ट होने के बाद मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related