SRFTI में छात्रों और फैकल्टी पर हिंसक हमला: ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मुख्यमंत्री से SIT जांच की मांग की।

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मुंबई वार्ता संवाददाता


ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में छात्रों और फैकल्टी सदस्यों पर हुए हिंसक हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस संबंध में संगठन के अध्यक्ष सुरेश श्यामल गुप्ता ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी को एक औपचारिक पत्र लिखकर मामले की एसआईटी (SIT) जांच कराने की मांग की है।

■ घटना का विवरण


पत्र के अनुसार, यह घटना रविवार, 27 सितंबर 2026 को घटी, जहां भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले इस राष्ट्रीय संस्थान के कैंपस में छात्रों पर बेरहमी से हमला किया गया।

■ घायलों की संख्या:

हमले में 30 से अधिक छात्र और कुछ फैकल्टी सदस्य घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
एंबुलेंस रोकने का आरोप: बेहद चिंताजनक बात यह रही कि जब घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब गुंडों के एक समूह ने मेन गेट पर रास्ता रोककर उन्हें अस्पताल पहुंचने से बाधित किया।


पत्थर, लाठी और चाकू से हमला: छात्रों के मुताबिक, उन पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए। कई छात्रों के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।


छात्राओं के साथ उत्पीड़न: छात्राओं ने मारपीट और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। बाहर मौजूद भीड़ ने कैंपस के अंदर पत्थर और बोतलें फेंकी, गेट तोड़ने की कोशिश की और कुछ छात्रों पर चाकू से भी हमला किया गया।

■ कानूनी व्यवस्था पर सवाल और AICWA की मांगें


AICWA ने इस घटना को एक सामान्य कैंपस विवाद मानने से इनकार करते हुए इसे देश के भावी फिल्म निर्माताओं की सुरक्षा पर बड़ा हमला करार दिया है। संगठन का कहना है कि एक राष्ट्रीय संस्थान के भीतर इस तरह की घटना और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को रोकना राज्य की कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने की ओर इशारा करता है।

■ पत्र में AICWA की मुख्य मांगे निम्नलिखित हैं:

SIT जांच: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करें ताकि हमलावरों की पहचान कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।
एंबुलेंस रोकने वालों पर कार्रवाई: जिन लोगों ने घायलों को ले जा रही एंबुलेंस को रोका, उन पर तुरंत कानूनी जवाबदेही तय की जाए।
छात्राओं की सुरक्षा व उत्पीड़न की जांच: छात्राओं द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की बिना किसी देरी के निष्पक्ष जांच की जाए।

■ कैंपस सुरक्षा: SRFTI कैंपस में छात्रों और फैकल्टी के लिए तत्काल पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया जाए।

AICWA ने सरकार से मांग की है कि जांच की प्रगति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि देश भर के फिल्म उद्योग से जुड़े युवाओं में फैला डर खत्म हो सके। इस पत्र की एक प्रति सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को भी भेजी गई है।

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