वरिष्ठ संवाददाता/ मुंबई वार्ता

श्री साधुबेला उदासीन आश्रम ट्रस्ट मुंबई के संयोजन में सद्गुरु योगीराज बाबा बनखंडी महाराज की 162 वीं पुण्यतिथि पर निर्वाण दिवस महोत्सव का आयोजन किया गया। श्री साधुबेला पीठाधीश्वर स्वामी गौरीशंकर दास महाराज के सानिध्य में महालक्ष्मी मंदिर के पास स्थित साधुबेला उदासीन आश्रम में संस्थापक योगीराज बनखंडी महाराज के 162वें निर्वाण दिवस पर पूजा, अभिषेक के साथ कई अनुष्ठान किए गए।


भूलाभाई देसाई रोड स्थित साधुबेला उदासीन आश्रम में मुंबई समेत देश भर में स्थित साधुबेला उदासीन आश्रमों के संत महत्माओं के साथ आश्रम से जुड़े श्रद्धालु शामिल हुए। साथ ही आयोजित संत भंडारे में सैकड़ों साधु संतों की मौजूदगी रही।
साधुबेला उदासीन आश्रम का कार्यभार देखने वाले अशोक लालवानी ने बताया कि योगीराज बनखंडी महाराज ने साधुबेला उदासीन आश्रम की स्थापना कर सनातन संस्कृति को देश में ही नहीं विदेश में भी प्रसारित किया। देश में दर्जनों साधुबेला आश्रमों की स्थापना करने के बाद 162 साल पहले वे ब्रह्मलीन हो गए थे लेकिन उनकी स्मृति आज भी उनके अनुयायियों को प्रेरणा देती है। निर्वाण दिवस की शुरुआत सुबह बनखंडी महाराज के पूजन, अभिषेक से हुई। इसके बाद दिन भर भजन कीर्तन चला।
शाम को संत भंडारे में बड़ी संख्या में आसपास के श्रद्धालु भी शामिल हुए। इस असवर पर आश्रम के ट्रस्टी रमेश मखीजा, सुदामा भावनानी, प्रकाश ताहिलरामाणी, स्वयंभू पाताली हनुमान मंदिर के महंत केशवपूरी महाराज आदि लोग उपस्थित थे।


