मुंबई वार्ता संवाददाता

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मुंबई कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने नितेश राणे को चेतावनी देते हुए कहा कि राहुल गांधी जैसे राष्ट्रीय नेता पर बोलने की उनकी “औकात और ऊंचाई” नहीं है।


राजहंस ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक और विवादित बयान देने की होड़ लगी हुई है और नितेश राणे भी उसी राजनीति का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राणे लगातार विपक्षी नेताओं के खिलाफ निम्न स्तर की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनके संस्कार और राजनीतिक संस्कृति का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में विरोधी नेताओं के खिलाफ जितनी ज्यादा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, उतना ही राजनीतिक “इनाम” मिलता है। ठाकरे और गांधी परिवार पर टिप्पणी करने से पार्टी नेतृत्व खुश होता है और प्रचार भी मिलता है, इसलिए कुछ नेता जानबूझकर इस तरह की बयानबाजी करते हैं।
सुरेशचंद्र राजहंस ने कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बंद नहीं किया गया, तो कांग्रेस भी उसी अंदाज में जवाब देने को मजबूर होगी। उन्होंने नितेश राणे को “जीभ पर लगाम” लगाने की सलाह देते हुए कहा कि “चुकीला माफी नहीं”।
कांग्रेस नेता ने यह भी याद दिलाया कि नितेश राणे और उनके पिता नारायण राणे करीब 12 वर्षों तक कांग्रेस पार्टी में रहे थे। उन्होंने कहा कि शिवसेना से अलग होने के बाद कांग्रेस ने ही राणे परिवार को राजनीतिक सहारा दिया था। उस समय राहुल गांधी उन्हें “पाकिस्तानी एजेंट” क्यों नहीं लगे, यह सवाल भी राजहंस ने उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने राणे परिवार को पहचान और पद दिए, उसी पार्टी और उसके नेताओं पर अब हमला करना उनकी राजनीतिक प्रवृत्ति बन चुकी है।
राजहंस ने आगे कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान एक एफआईआर दर्ज होने पर नितेश राणे “15 दिनों तक छिपे रहे थे”, इसलिए उन्हें बयान देते समय संयम बरतना चाहिए।


