रवीन्द्र मिश्रा । मुंबई वार्ता

गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों से मिलाने वाले मुंबई पुलिस के रिटायर्ड सहायक पुलिस उप निरीक्षक राजेश पाण्डेय ने आजीवन लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया है ।


मुंबई वार्ता से हुई मुलाकात के दौरान पांडेय जी ने बताया कि वे 1993 वैच में पुलिस कर्मी के रूप में भर्ती हुए । सांताक्रुज, मालाड तथा अंधेरी पुलिस स्टेशन में सेवा करते हुए (सहायक पुलिस उप निरीक्षक) ए एस आई पद से 31 दिसंबर 2024 को रिटायर हो गए । श्री पांडेय जी अब तक 3000 से अधिक लोग जो अपनों से बिछुड़ गए थे उन्हें मिलाने का काम किया है । इसके लिए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों यहां तक कि नेपाल का भी दौरा करना पड़ा । अपराधियों को देश के किसी भी कोने में छिपे को ढूंढने के लिए अब तक वे100 से अधिक दौरे कर चुके हैं।।इसलिए लोग इन्हें मुंबई पुलिस का हनुमान भी कहते हैं ।


मुंबई पुलिस द्वारा 2011 में शुरू किए गए आपरेशन मुस्कान के तहत पांडेय जी गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों से मिला कर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेर चुके हैं । चाहे कोई मामला फ़िल्म इंडस्ट्री का हो या किसी आई ए एस अधिकारी के रिश्तेदार का । पांडेय जी हर काम बखूबी से तथा अपनी सूझबूझ से उसे हल कर देते हैं ।इन कामों के लिए पोस्ट मैन, कुरियर ब्वाय, व्यापारी, हमदर्द, दोस्त न जाने उन्हें क्या क्या बनना पड़ता है ।अभी हाल में रिटायर होने के बाद भी उन्होंने मुंबई पुलिस के कंधे से कंधा मिलाकर एक चार साल की ग़ायब हुई बच्ची का पता लगाकर उनके परिजनों से मिलाने का काम किया है ।
पांडेय जी का कहना है कि वे भले ही विभाग से रिटायर्ड हो गये है लेकिन टायर्ड नहीं हुए । उनमें आज भी वही काम करने की लगन ,वही तत्परता वही स्फूर्ति आज भी बरकरार है ।वे कहते हैं कि जब देश की राजधानी दिल्ली में आल इंडिया पुलिस मीट पर उनका टेली ग्राम ग्रुप के जनक डी वाई एस पी श्री राजपाल डबास तथा रिटायर डी सी पी विनोद सिरोही द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा रहा था तभी उनके सामने नागपुर से अपना घर छोड़ कर भागी 15 वर्षीय लड़की नाबालिग लड़की का मामला सामने आया ।वे दिल्ली में बैठे बैठे अपनी सूझबूझ से उस लड़की का पता लगाने में अपने विभाग की मदद की और उस लड़की को उसके परिजनों तक पहुंचाने में मदद किया।उनके इस कार्योके लिए उन्हें कभी नकद तो कभी प्रशस्ति-पत्र देकर उन्हें सम्मानित भी किया गया ।
पांडेय जी के इस खोजी कार्य के अनुभव को देखते हुए महाराष्ट्र के हर कोने से उनका बुलावा आता है । चाहे राज्य की जी आर पी हो या राज्य पुलिस । उन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में बुला कर उनका मार्गदर्शन लिया जाता है। पांडेय जी अपनी मीठी वाणी तथा सूझबूझ से किस तरह मामला सुलझा जा सकता है उस पर खुल कर चर्चा करते हैं। जहां नहीं पहुच सकते वहा विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मार्गदर्शन किया जाता है ।पांडेय जी 24 हावर्स आन ड्यूटी की भूमिका में रहते हैं ।अपना निजी फोन नंबर देते हुए वे कहते हैं कि मैं मरते दम तक इसी तरह सेवा कर अपने विभाग का नाम रौशन करता रहूंगा । देश के नागरिक हमें घर से बिछुड़े लोगो की मदद मार्गदर्शन के लिए 9821594423 पर हमसे संपर्क कर सकते हैं ।


