मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

पुणे पुलिस की साइबर शाखा ने हैदराबाद में जाल बिछाकर पुणे के कोथरुड इलाके में स्थित एक प्रसिद्ध निजी विश्वविद्यालय से ढाई करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी युवक उच्च शिक्षित है और उसने विदेश से स्नातकोत्तर और पीएचडी की है।इतना ही नहीं, वह संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में दो बार साक्षात्कार तक भी पहुँच चुका है।


३४ वर्षीय आरोपी का नाम सीताया किलारू है, जो हैदराबाद के यप्रल का रहने वाला है । आरोपी ने आईआईटी मुंबई जैसे शिक्षण संस्थान से एआई से संबंधित एक शैक्षिक प्रोजेक्ट मिलने की उम्मीद में यह धोखाधड़ी की है।उसने सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ‘ड्रोन’ से संबंधित परियोजनाओं के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का वादा करते हुए, बार-बार फोन और ईमेल के माध्यम से उससे संपर्क किया। संबंधित परियोजनाओं के लिए, आरोपी ने एक निजी विश्वविद्यालय से चरणों में कुल २ करोड़ ४६ लाख रुपये लिए थे। हालाँकि, जब आरोपी अनुबंध के लिए नहीं आया, तो विश्वविद्यालय को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


आईआईटी मुंबई में खुद को प्रोफेसर बताकर सीताया किलारू ने २.५ करोड़ रुपये का गबन किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से ४९ लाख ७५ हजार रुपये का कीमती सामान जब्त किया है, जिसमें दस बैंकों के एटीएम कार्ड, तेरह पासबुक, पंद्रह चेकबुक, सिम कार्ड, कंप्यूटर, मोबाइल, टैब, आभूषण, सोने की खरीद रसीदें और 48 लाख रुपये की दो कारें शामिल हैं। आरोपी के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के 8 से 10 मामले दर्ज हैं।


