● शिव वास योग समेत बन रहे तीन खास संयोग
● 24 फरवरी को स्मार्त और वैष्णव का एक साथ व्रत
● इस्कॉन और रुक्मिणी-विट्ठल मंदिरों में जुटेंगे श्रद्धालु
वरिष्ठ संवाददाता/ मुंबई वार्ता
सनातन संस्कृति में श्री हरि विष्णु की उपासना के लिए प्रत्येक एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिषशास्त्र में प्रत्येक एकादशी का अलग नाम और महत्व होता है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहते हैं। इस साल सोमवार 24 फरवरी को विभिन्न शुभ संयोगों में विजया एकादशी का व्रत किया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखते हुए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती हैं।
यदि सच्चे भाव से इस एकादशी पर सृष्टि के संचालक विष्णु जी को केसर के हलवे का भोग लगाया जाए, तो वह प्रसन्न होते हैं और कष्टों को हर लेते हैं। भृगु संहिता आचार्य पंडित राम प्रसाद मिश्र ‘ज्योतिषी’ के अनुसार इस वर्ष विजया एकादशी पर सिद्ध योग, शिव वास समेत कई योग बन रहा है। सिद्ध योग सुबह 10:04 बजे तक है।
पंडित रामप्रसाद मिश्र ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रविवार 23 फरवरी को दोपहर 1:55 बजे से प्रारंभ होगी, इस तिथि का समापन अगले दिन सोमवार 24 फरवरी को दोपहर 1:44 बजे होगा। उदया तिथि की गणना के अनुसार विजया एकादशी का व्रत सर्वेषां (स्मार्त और वैष्णव) के लिए 24 फरवरी को रखा जाएगा। विजया एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 बजे से 6:01 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:29 बजे से 3:15 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6:15 बजे से 6:40 बजे तक तथा निशिता मुहूर्त रात्रि 12:09 बजे से 12:59 बजे तक है। विजया एकादशी पर सिद्धि और शिव वास योग के अलावा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का भी संयोग बनेगा।
विजया एकादशी व्रत का पारण 25 फरवरी को सुबह 7:01 से सुबह 9:21 बजे के बीच किया जा सकता है। इस्कॉन मंदिरों में गीता पाठइस्कॉन द्वारा संचालित सभी राधा कृष्ण मंदिरों में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी पर राधा-कृष्ण का श्रृंगार कर झांकी सजाई जाएगी। साथ ही दिन भर कीर्तन चलेगा। इस्कॉन जुहू की मीडिया प्रभारी पारिजात देवदासी माताजी के अनुसार मंदिर परिसर में सामूहिक गीता पाठ किया जाएगा।
मंदिर के अध्यक्ष स्वामी ब्रजहरि दास प्रभु के मार्गदर्शन में अखंड भजन कीर्तन आयोजित किया गया है। इसके अलावा गिरगांव चौपाटी, मीरा रोड, नवी मुंबई के खारघर समेत अन्य मंदिरों में विजया एकादशी पर भजन कीर्तन आयोजित किए गए हैं।विट्ठल मंदिरों में जुटेंगे श्रद्धालु दक्षिण मुंबई के वडाला स्थित प्रति पंढरपुर विठोबा मंदिर में विजया एकादशी पर विशेष तैयारी की जा रही है। भक्तों की जुटने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। चूंकि यह मूर्ति चंद्रभागा नदी से आई है इसलिए इसे पंढरपुर के समकक्ष मान्यता प्राप्त है अर्थात प्रति पंढरपुर कहा जाता है।
मंदिर में मूर्ति की स्थापना संत तुकाराम महाराज के हाथों से की गई थी इसलिए यहां एकादशी पर मुंबई के बाहर से भी श्रद्धालु आते हैं। इसी तरह से टिटवाला पूर्व स्थित श्री विट्ठल रुक्मिणी मंदिर में भी विजया एकादशी पर जुटने वाले वारकरी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के अध्यक्ष किरण रोठे के अनुसार ट्रस्ट द्वारा फलाहार का प्रसाद वितरित किया जाएगा।


