■ कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका द्वारा ‘राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा’ संगोष्ठी का आयोजन।
मुंबई वार्ता संवाददाता

विद्युत सुरक्षा केवल कागजों तक सीमित न रहकर कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। बिजली क्षेत्र में काम करते समय संभावित खतरों को टालने के लिए ‘चेकलिस्ट’ (जांच सूची) का महत्व सबसे अधिक है और प्रत्येक कर्मचारी को इसका कड़ाई से पालन करना चाहिए,” ऐसा प्रतिपादन कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के आयुक्त अभिनव गोयल ने किया।


राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आज, 10 मार्च 2026 को कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य अत्रे कॉन्फ्रेंस हॉल में एक विशेष संगोष्ठी (चर्चासत्र) का आयोजन किया गया था।


इस कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर आयुक्त संबोधित कर रहे थे।सुरक्षा नियमों पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन इस संगोष्ठी में विभिन्न विशेषज्ञों ने तकनीकी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी:श्री राजेश यादव (विद्युत निरीक्षक, ठाणे-2): इन्होंने ‘विद्युत अधिनियम 2003’ और ‘केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विनियमन 2023’ के महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रावधानों पर चर्चा की।


उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का ज्ञान ही दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।श्री अर्जुन जाधव (सहायक विद्युत निरीक्षक, ठाणे-2): इन्होंने महाराष्ट्र के विद्युत क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं, उनके कारणों और उन्हें रोकने के लिए किए जाने वाले निवारक उपायों पर गहन प्रस्तुति दी।
श्री भूषण मानकामे (शाखा अभियंता): इन्होंने विद्युत इंस्टॉलेशन पर काम करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर अपना व्याख्यान दिया।अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थितिइस अवसर पर शहर अभियंता श्रीमती अनीता परदेशी, महावितरण के अधीक्षक अभियंता श्री अनिल थोरात के साथ-साथ केडीएमसी (KDMC) के अतिरिक्त शहर अभियंता (विद्युत) श्री प्रशांत भागवत, कार्यकारी अभियंता श्री जितेंद्र शिंदे, उप अभियंता श्री भगवत पाटिल, श्री जितेंद्र पाटिल एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस चर्चासत्र में कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, ठाणे, भिवंडी और नवी मुंबई नगर निगमों के विद्युत अभियंता, कर्मचारी, ठेकेदार और महावितरण के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने विद्युत सुरक्षा की शपथ लेकर सुरक्षित कार्य करने का संकल्प लिया।


