मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना के बाद राज्य सरकार ने आज सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, वहीं तीन दिनों का राजकीय शोक भी घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसकी आधिकारिक जानकारी दी।


मुख्यमंत्री फडणवीस ने अजित पवार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्होंने एक मजबूत और दिलदार मित्र को खो दिया है। उन्होंने कहा कि अत्यंत अनाकलनीय परिस्थितियों में हुए विमान हादसे में राज्य ने अपना एक कद्दावर नेता खो दिया है, जिससे पूरे महाराष्ट्र में शोक का माहौल है।


फडणवीस ने कहा कि अजित पवार महाराष्ट्र के ऐसे जननेता थे जिन्हें राज्य के कोने-कोने की गहरी समझ थी। महाराष्ट्र की समस्याओं की गहन जानकारी रखने वाले अजित पवार के प्रति आम जनता में अपार विश्वास और स्नेह था। वे संघर्षशील नेतृत्व के प्रतीक थे, जो किसी भी परिस्थिति में डटे रहते थे और निरंतर आगे बढ़ते रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के लिए आज का दिन अत्यंत कठिन है। इस तरह का नेतृत्व वर्षों में तैयार होता है और जब वे राज्य के विकास में अहम भूमिका निभा रहे थे, उसी समय उनका यूं चला जाना अविश्वसनीय और दिल को झकझोर देने वाला है।
उन्होंने बताया कि यह पवार परिवार के लिए भी एक बहुत बड़ा आघात है। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जल्द ही बारामती के लिए रवाना होंगे। फडणवीस ने कहा कि वे सुबह से ही सभी वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री को भी पूरी स्थिति से अवगत कराया गया है। सभी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगे की सभी औपचारिकताएं और निर्णय पवार परिवार से चर्चा कर तय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अजित पवार के निधन से जो शून्य महाराष्ट्र की राजनीति में पैदा हुआ है, उसकी भरपाई करना बेहद कठिन है।


