■ कांग्रेस नेताओं ने बीएमसी द्वारा गिराए गए विलेपार्ले के जैन मंदिर परिसर का दौरा किया।
मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा के शासन में जब मंदिर तोड़े जा रहे हैं, तब सरकार चुप्पी साधे बैठी है, यह बेहद शर्मनाक है। एक ओर न्यायालय मंदिर को तोड़ने पर स्थगन आदेश देता है, फिर भी दूसरी ओर महापालिका के अधिकारी मंदिर को तोड़ देते हैं — यह सरकार की विफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है। दिगंबर जैन मंदिर को गिराकर भाजपा सरकार ने जैन समाज की भावनाओं को पैरों तले रौंदा है, ऐसा गंभीर आरोप महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने लगाया है।


प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने उस जैन मंदिर परिसर का दौरा किया जिसे बीएमसी ने गिरा दिया था, और वहाँ उपस्थित जैन समाज के लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ विधानमंडल में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, प्रदेश कार्याध्यक्ष व CWC सदस्य नसीम खान, प्रदेश महासचिव अभय छाजेड़, ब्रिज दत्त, श्रीरंग बर्गे, विश्वजीत हाप्पे, आनंद सिंह, श्रीकृष्ण सांगळे आदि उपस्थित थे।पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने कहा कि जब महिलाएं और पुरुष मंदिर में आराधना कर रहे थे, तब कुछ तथाकथित महाराजों को लाकर मंदिर की मूर्तियाँ हटाई गईं।


इस दौरान कुछ मूर्तियों की तोड़फोड़ भी की गई। राज्य में धार्मिक स्थलों पर जिस प्रकार से कार्रवाई की जा रही है, उसमें अब जैन मंदिर भी शामिल हो गया है। क्या यह सब सरकार जानबूझकर कर रही है? यह सवाल खड़ा करते हुए सपकाळ ने कहा कि भाजपा सरकार देश की संस्कृति को मिटाने पर तुली है। लेकिन मंदिरों को तोड़ना हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे — इस घटना का कांग्रेस पार्टी जोरदार विरोध करती है।जब मंदिर को गिराया गया, तब जैन समाज ने शांति बनाए रखी। महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर, हम इस मंदिर के सत्य को सामने लाकर आगे बढ़ेंगे — ऐसा संदेश भी प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दिया।


