रवीन्द्र मिश्रा/ मुंबई वार्ता

असंगठित कामगारों को अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करने के लिए संगठित होना पड़ेगा । मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्थित कांग्रेस कार्यालय के मुरली देवड़ा हाल में आयोजित इस कार्यक्रम में यह आवाहन मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष एवं सांसद वर्षाताई गायकवाड़ ने किया है ।


मुंबई प्रदेश असंगठित कामगार व कर्मचारी कांग्रेस (KCC) मुंबई द्वारा आयोजित मार्गदर्शन कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किया । उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के झंडे के नीचे फेरीवाले, घरेलू कामगार, छोटी मोटी फैक्ट्रियों में काम करने वाले तथा अन्य कहीं काम करने वाले कामगारों को संगठित होने की आवश्यकता है ।वे जब संगठित होकर एक जुट में अपनी आवाज उठाएंगे तभी उनको न्याय मिलेगा ।
उन्होंने कहा कि आज कामगारों को कम वेतन दिया जाता है ।जो कि कामगार कानून का उलंघन है ।जब वे सरकार के पास न्याय मांगने जाते हैं तो उन्हें उचित न्याय भी नहीं मिलता । इसलिए आप को एक जुट होना ही पड़ेगा ।जब तक आप एक जुट नहीं होंगे । न्याय मिलना मुश्किल है । #कामा अस्पताल कर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं। # इस अवसर पर (KCC) की अध्यक्षा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाली श्रीमती नीता महाडीक ने कांट्रेक्ट पर काम करने वाले कामा अस्पताल के कर्मचारियों की व्यथा व सुनाई उन्होंने कहा कि वहां के कर्मचारियों को पिछले 3 महीने से वेतन नहीं दिया गया ।और न ही उनके पी एफ काटे गए ।जब कर्मचारी वेतन की बात करते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि कल से काम पर मत जाओ । ठेंगे पर मारे जा रहे हैं कामगारों के कानून .
इस अवसर पर कांग्रेस नेता एवं (KCC,) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल गणाचार्य ने कहा कि मुंबई तथा महाराष्ट्र में असंगठित कामगारों के लिए बनाए गए नियम कायदे कानून को ठेंगा दिखाया जाता है । असंगठित कामगारों को कभी भी नौकरी से निकाल दिया जाता है । लाइसेंस होते हुए भी फेरी वालों को मनपा तथा पुलिस कभी भी परेशान करती है । असंगठित कामगारों को कांग्रेस के झंडे के नीचे लाकर उन्हें न्याय दिलाने का काम ( KCC) कर रही है इस लिए मैं सभी असंगठित कामगारों को आवाहन करता हूं कि वे कांग्रेस से जुड़े और न्याय के अधिकारी बनें ।
इस अवसर पर के सी सी की मुंबई कार्याध्यक्ष श्री आदर्श निकालजे, श्रीमती अनुराधा कासेकर, पूर्व नगर सेविका एवं मुंबई महिला कांग्रेस अध्यक्ष अजंता यादव,राकेश पावसकर, दक्षिण मुंबई अध्यक्ष सलीम खान, पूर्व नगर सेवक बबलू खान आदि ने अपना विचार व्यक्त किया ।


