मुंबई, यश भारत

राहुल नार्वेकर ने बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा में अहम निर्देश जारी करते हुए राज्य सरकार को संगमनेर (जिला अहिल्या नगर) में मेडिकल डायग्नोस्टिक उपकरणों की कमी को तत्काल दूर करने और इस पर विस्तृत रिपोर्ट सदन के समक्ष पेश करने को कहा।


विधायकों ने सदन में मुद्दा उठाते हुए बताया कि संगमनेर के सरकारी अस्पतालों में MRI और CT स्कैन जैसी जरूरी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि उपचार में देरी भी हो रही है।सभी दलों के सदस्यों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में आम नागरिकों को निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।


मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पीकर नार्वेकर ने नाराजगी जाहिर की कि यह मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार संगमनेर की स्थिति का तुरंत संज्ञान ले।स्पीकर ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि महाराष्ट्र भर में MRI और CT स्कैन मशीनों की उपलब्धता और कमी का विस्तृत डेटा तैयार किया जाए, जिसमें संगमनेर की विशेष जानकारी शामिल हो। यह रिपोर्ट मौजूदा विधानसभा सत्र समाप्त होने से पहले सदन में पेश करने को कहा गया है।
नार्वेकर ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सदन के निर्देशों का पालन अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इसके अलावा, उन्होंने लंबित ‘Calling Attention’ प्रस्तावों पर भी सरकार को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि उनके जवाब तुरंत सदन में प्रस्तुत किए जाएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले कार्य दिवस तक जवाब नहीं दिए गए, तो मुख्य सचिव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।स्पीकर ने दोहराया कि संगमनेर में डायग्नोस्टिक सुविधाओं की कमी का मुद्दा गंभीर है और सरकार को इस पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने होंगे।


