मुंबई वार्ता/विपिन शुक्ल

25 वर्षीय पुराने कार्यकर्ता और कल्याण जिला पूर्व अध्यक्ष सचिन पोटे ने अपनी पत्नी जाह्नवी पोटे सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस छोड़कर शिवसेना का दामन थाम लिया। यह प्रवेश उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से संपन्न हुआ, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।


सचिन पोटे के साथ कौस्तुभ देसाई, कस्तूरी देसाई, शकील सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना में प्रवेश किया। इस सामूहिक दल-बदल को कल्याण पूर्व की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब केडीएमसी चुनाव नजदीक हैं और दल-बदल का दौर चरम पर है।


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सचिन पोटे जैसे अनुभवी और जमीनी कार्यकर्ता के शिवसेना में शामिल होने से कल्याण में पार्टी और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना की बढ़ती लोकप्रियता और महायुति सरकार के कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता लगातार शिवसेना से जुड़ रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने महायुति सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाडली बहिन योजना कभी बंद नहीं होगी, जबकि क्लस्टर योजना के तहत शहर की धोखाधड़ीपूर्ण और खतरनाक इमारतों का शीघ्र पुनर्विकास किया जाएगा। इससे नागरिकों को सुरक्षित आवास और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।


