श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी की उम्मीदवार सूची समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है। मराठी भाषी, भूमिपुत्र, उत्तर भारतीय समाज और मुंबई को अपनी कर्मभूमि मानने वाले सभी समुदायों को टिकट देकर न्याय देने की नीति अपनाई गई है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने सबसे ज्यादा उत्तर भारतीयों को टिकट दिया है। उन्होंने कहा, ‘कई राजनीतिक दल उत्तर भारतीय समाज को केवल वोट बैंक मानते हैं, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस ने सबसे अधिक टिकट इसी समाज के लोगों को दिए हैं।’


- मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) ने इस बार उम्मीदवार चयन में नया प्रयोग किया है। पार्टी ने डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवरों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों को टिकट देकर सामाजिक संतुलन और जमीनी प्रतिनिधित्व पर जोर दिया है।
आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) ने पूरी ताकत झोंक दी है। महायुति में अपने नाम को लेकर चल रही खींचतान पर प्रतिक्रिया देते हुए नवाब मलिक ने कहा कि वे उपमुख्यमंत्री अजित पवार के फैसले के लिए उनके आभारी हैं। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग मेरे नाम पर हंगामा कर रहे थे और यह धमकी दे रहे थे कि यदि मलिक रहेंगे तो युति तोड़ देंगे। लेकिन अजित पवार ने किसी दबाव में आए बिना मुंबई में अपने दम पर चुनाव लड़ने का स्वाभिमानी निर्णय लिया।’


नवाब मलिक ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर चुनाव अधिकारी नियमों की अनदेखी कर अयोग्य उम्मीदवारों को योग्य घोषित कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग और अधिकारी निष्पक्षता के साथ नियमों का सख्ती से पालन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस मुंबई में 14 से अधिक सीटें नहीं जीत सकती, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। ‘हमने वार्डों का गणित समझकर और व्यापक चर्चा के बाद उम्मीदवार उतारे हैं। इस बार मुंबई महानगरपालिका में राष्ट्रवादी कांग्रेस के सबसे अधिक नगरसेवक चुने जाएंगे,’ ऐसा विश्वास नवाब मलिक ने व्यक्त किया।


