मुंबई वार्ता संवाददाता

वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबू भाई भवानजी ने कहा है कि,”शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में सुधार करके देश को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया जा सकता है. भारत सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में अनाज दे रही हैं, भारत मे ग़रीबी 29.13 प्रतिशत से घटके 11.28 टका हो गई है, जब तक उनकी हालत ठीक नहीं होती तब तक लोगो को हर तरह की मदद की जरूरत है, और उनका ख्याल रखा जाए .”


उन्होंने कहा कि ,”उस योजना से बची हुई रकम को शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए खर्च जाए ,जिससे जरूरतमंद को स्कूल-कॉलेजो में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जा सके.तभी हम प्राथमिक शिक्षा को हेरो एण्ड कैम्ब्रिज जैसा बना सकेगे . मुफ्त अनाज बांटने का बजेट दो लाख पांच हजार दो सौ पचास करोड़ (2,05,250) का है । भारत के लोगों का दुर्भाग्य है कि केंद्र और राज्य कि सरकारें गरीबों को प्राथमिक शिक्षा से यूनिवर्सिटी तक फस्ट रेट शिक्षा और फस्ट रेट स्वास्थ्य सेवा दें नहीं पा रही है।”


भवानजी ने कहा कि ,”दक्षिण कोरिया दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बहुत ही गरीब देश था .उसने अद्भुत आर्थिक प्रगति की है, और उसने अपने देश के लोगो को सर्वोत्तम शिक्षण और स्वास्थ्य-आरोग्य सेवा दे कर आर्थिक चमत्कार कर दिखाया है. जिसका अनुकरण चीन करने की तैयारी कर रहा है। ”
उन्होंने बताया कि उसी तरह फर्टिलाइजर डिपार्टमेंट का सबसिडी देनेका बजेट एक लाख चौसठ हज़ार एक सौ इक्यावन करोड़ रुपए का है । हम सभी को विदेशी खाद की जगह देसी खाद का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए ।विदेशी खाद से होने वाले नुकसान (आर्थिक /शारिरिक नुक्सान)के बारे मे सभी को जानकारी होते हुए हम सब चुप क्यों हैं….?इसके लिए सरकार जिम्मेदार हैं भारत में सभी जगह ऑर्गेनिक खेती की जानी चाहिए।


