श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को कहा कि स्थानीय निकायों के चुनाव, चुनाव कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं। हालाँकि, अदालत ने राज्य चुनाव आयोग को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि उन जगहों पर 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का उल्लंघन न किया जाए जहाँ सीमा पहले से ही पार नहीं की गई है।


सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों को हरी झंडी दे दी, लेकिन आरक्षण की सीमा सख्त रखी है।बीएमसी, 28 अन्य नगर निकायों के चुनाव 31 जनवरी, 2026 से पहले होने चाहिए, जिनके नतीजे चल रहे ओबीसी आरक्षण मामले से जुड़े हैं।


पीठ ने यह भी कहा कि इन चुनावों के नतीजे अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को चुनौती देने वाली कार्यवाही के नतीजे के अधीन होंगे। मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को होगी।
पिछला बीएमसी चुनाव 2017 में हुआ था, और 227 नगरसेवकों का पांच साल का कार्यकाल 2022 में समाप्त हो गया। बीएमसी के साथ, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और मीरा भयंदर के नागरिक चुनाव भी सुप्रीम कोर्ट की समय सीमा से पहले होंगे।



जनवरी तक चुनाव हो जाने की उम्मीद