प्रभादेवी क्षेत्र में छह पुनर्विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसके पास सुंदर और विशाल घर हो। मुंबई के नागरिकों ने भी यही सपना संजोया है। घर की समस्या के कारण कई मुंबईकर शहर से बाहर चले गए हैं। ऐसे नागरिकों को फिर से मुंबई में वापस लाने और उनके सपनों को पूरा करने के लिए सरकार सामूहिक पुनर्विकास योजना के माध्यम से उनका विशाल घर उपलब्ध कराएगी, ऐसा आश्वासन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया।
उन्होंने कहा कि कुछ डेवलपर इमारतों को पुनर्विकास के लिए लेकर छोड़ चुके हैं और किराए का भुगतान भी नहीं किया। ऐसे डेवलपरों को हटाया जाएगा। आम नागरिकों को किफायती और विशाल घर देने के लिए यदि आवश्यक हुआ तो नियमों और कानूनों में भी बदलाव किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर मंत्रिमंडल के समक्ष निर्णय लाए जाएंगे। प्रलंबित पुनर्विकास परियोजनाओं को सामूहिक पुनर्विकास योजना के माध्यम से गति दी जाएगी। ठाणे में भी इस तरह की योजना शुरू की गई है और इसके कार्यान्वयन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसआरए, म्हाडा, एमआईडीसी, एमएमआरडीए, सिडको और बीएमसी इन सभी एजेंसियों के समन्वय से सामूहिक पुनर्विकास योजना लागू की जाएगी। सरकार सामान्य मुंबईकर को विशाल घर देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना के तहत प्राथमिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें उद्यान, स्वास्थ्य सुविधाएं, खुले मैदान आदि शामिल होंगे।इसके अलावा, सरकार जल्द ही एक नया आवास नीति लेकर आ रही है।
उन्होंने ने यह भी कहा कि म्हाडा के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, कामकाजी महिलाओं और मिल मजदूरों के लिए घरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, किफायती घर और किफायती किराये के मकान भी उपलब्ध कराए जाएंगे।श्री सिद्धिविनायक मंदिर के लिए 500 करोड़ रुपये की निधि से एक विकास योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत गणेश भक्तों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी,इस विकास योजना के माध्यम से गणेश भक्तों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे उनकी होने वाली असुविधाओं को दूर किया जाएगा।


