मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

एक-दूसरे को जानने और दूसरे मामले में सह-आरोपी होने के आधार पर किसी महिला को मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल नहीं माना जा सकता। इसी टिप्पणी के साथ मुंबई की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 35 वर्षीय शबनम शेख को मेफेड्रोन (एमडी) की आपूर्ति करने के आरोप से मुक्त कर दिया है।


अदालत ने कहा कि महिला के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त प्रथमदृष्टया सबूत उपलब्ध नहीं हैं।अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान शेख को मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक आपराधिक मामले में भायखला महिला जिला जेल में रखा गया था।
6 अप्रैल को उसे अदालत में पेशी के लिए लाया गया था। पेशी के बाद जब उसे वापस जेल ले जाया जा रहा था, तब जेल में दोबारा प्रवेश से पहले उसकी तलाशी ली गई।इस दौरान तलाशी लेने वाली महिला पुलिसकर्मी को मुस्कान के पास से एक छोटा प्लास्टिक जिप-लॉक बैग मिला। उसमें संदिग्ध मेफेड्रोन (एमडी) पाया गया, जिसका वजन 2.05 ग्राम था। इसकी जानकारी वरिष्ठ जेल अधिकारियों को दी गई।
इसके बाद नागपाड़ा पुलिस थाने की पुलिस जेल पहुंची और मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान मुस्कान ने कथित तौर पर बताया कि उसे यह मादक पदार्थ उसकी सह-आरोपी शबनम शेख ने दिया था। मुस्कान के बयान के आधार पर पुलिस ने शबनम को भी इस मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।
■ बचाव पक्ष ने बताया झूठा फंसाने का मामला
शबनम के वकील अयाज खान ने अदालत में उसकी आरोपमुक्ति के लिए आवेदन दाखिल किया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि शबनम को इस मामले में झूठा फंसाया गया है और उसके पास से कोई भी प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ है।बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि शुरुआत में जब मुस्कान से मादक पदार्थ के स्रोत के बारे में पूछा गया था, तब उसने स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी और न ही शबनम का नाम आपूर्तिकर्ता के रूप में बताया था।
इसके अलावा, बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि अन्य महिला पुलिसकर्मियों को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि एमडी मादक पदार्थ मुस्कान के पास कैसे पहुंचा। अभियोजन पक्ष ने हालांकि शबनम के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने का दावा किया।अदालत ने कहा- केवल आरोपी का बयान पर्याप्त नहींदोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष एनडीपीएस अदालत ने पाया कि मुस्कान के बयान के अलावा शबनम के खिलाफ कोई स्वतंत्र सबूत नहीं है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल एक-दूसरे को जानने या किसी अन्य मामले में सह-आरोपी होने के आधार पर शबनम को इस अपराध से जोड़ना उचित नहीं है।अदालत ने शबनम को आरोपमुक्त करते हुए कहा, “शबनम के खिलाफ आगे की कार्यवाही चलाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। उपलब्ध सामग्री से जब्त किए गए मादक पदार्थ को अपने पास रखने, उसकी आपूर्ति करने या उससे संबंधित साजिश में उसकी प्रथमदृष्टया संलिप्तता साबित नहीं होती।”
इस तरह अदालत ने केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर लगाए गए आरोपों को पर्याप्त नहीं मानते हुए शबनम शेख को इस एनडीपीएस मामले में आरोपमुक्त कर दिया।


