■ महाराष्ट्र में 2,458 मेगावाट क्षमता वाली 454 सौर परियोजनाओं का लोकार्पण.
■ प्रधानमंत्री ने लाभार्थी किसानों से साझा की सफलताओं की कहानियाँ.
मुंबई वार्ता संवाददाता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र में 2,458 मेगावाट क्षमता वाली 454 सौर ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे।


प्रधानमंत्री मोदी कहा कि सौर परियोजनाओं से किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध हो रही है, जिससे उनकी आय दुगनी हो रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती की ओर रुख करें, कम लागत और अधिक उत्पादन वाली फसलों को अपनाएं तथा भूमि स्वास्थ्य संरक्षण पर ध्यान दें।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन सौर परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित हो रहे हैं।यह कार्यक्रम राजस्थान के बांसवाड़ा से आयोजित हुआ, जिसका ऑनलाइन प्रसारण मुंबई के बांद्रा (पूर्व) स्थित प्रकाशगढ़ से किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र, महानिर्मिती के प्रबंध निदेशक राधाकृष्णन बी., तथा पीएम-कुसुम सी (मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0) और पीएम-कुसुम सीबी (मागेल त्याला सौर कृषि पंप योजना) के लाभार्थी किसान उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र के किसानों से सीधे संवाद भी किया।
■ “सौर परियोजनाएँ कृषि को बदल रही हैं” – प्रधानमंत्री मोदी.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं से किसानों को दिन के समय बिजली, सालभर सिंचाई और स्थायी आय मिल रही है। उन्होंने रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर शून्य बजट प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। इससे लागत घटती है, भूमि की गुणवत्ता सुधरती है और किसानों का मुनाफा बढ़ता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत को हर वर्ष एक लाख करोड़ रुपये का खाद्य तेल आयात करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान हेतु किसानों को तिलहन फसलों की खेती करनी चाहिए। साथ ही, बाजरा (मिलेट्स) की बढ़ती मांग को देखते हुए ऐसी फसलें लेने से किसानों की आय बढ़ेगी और आर्थिक स्वावलंबन की ओर कदम बढ़ेंगे।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे प्राकृतिक खेती पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत के व्याख्यान अवश्य सुनें।किसानों ने की सफलता की कहानियाँ साझामुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न लाभार्थी किसानों से परिचित कराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे सीधे बातचीत कर उनकी सफलता की कहानियाँ सुनीं :
नाशिक (सटाणा – किकवारी) : किसान सुनील सिताराम काकुलते ने कुसुम-सी योजना से 40 एकड़ भूमि सिंचाई के दायरे में लाई। उनकी आय सालाना 2 लाख रुपये बढ़ी और 50–60 लोगों को रोजगार मिला।
अकोला (बार्शी टाकली – भेंडी महळ) : किसान तुषार वानखेड़े ने 6.5 एकड़ में 10 मेगावाट का सौर प्रोजेक्ट लगाया। पहले बिजली न मिलने से केवल चना बोते थे। अब पपीता और केला उगाकर 35 हजार की बजाय 80 हजार रुपये की आय हो रही है।
जालना (जाफराबाद – सतेफाड़) : किसान सुरत जटाळे ने 5 एचपी का सौर पंप लगाया। उनकी सालाना आय 60 हजार रुपये से बढ़कर 1.5 लाख रुपये हो गई।
जालना (बापकाळ) : किसान ताई किशोर सावंत ने 3 एचपी का सौर पंप लगाया। सोयाबीन उत्पादन बढ़ा और अतिरिक्त बिजली का घरेलू उपयोग हो रहा है।
पुणे (आंबेगांव – माई वस्ती) : किसान माधुरी धुमाल ने 10 एकड़ में 10 मेगावाट का प्रोजेक्ट लगाया। वार्षिक आय 15 लाख रुपये हो रही है और क्षेत्र के किसानों को दिन में बिजली मिल रही है।
धुले (शिरपुर – वाकवड) : किसान चंदू पावरा ने 7.5 एचपी सौर पंप लगाया। अब मक्का, गेहूं और मूंगफली जैसी फसलें हो रही हैं।
सातारा : किसान गोपाल महल्ले ने सौर प्रोजेक्ट से 1,700 लोगों को बिजली उपलब्ध कराई। ग्राम पंचायत को 5 लाख रुपये वार्षिक आय मिल रही है और किसानों को दिन में बिजली से फायदा हो रहा है।
● महाराष्ट्र देश में अव्वल- पीएम
कुसुम सी (मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0) के तहत महाराष्ट्र में 6 लाख किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे 32.08 लाख एकड़ भूमि सिंचाई के दायरे में आई है। साथ ही, विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक 6.46 लाख सौर कृषि पंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे 20.95 लाख एकड़ भूमि सिंचित हो रही है। इन उपलब्धियों के साथ महाराष्ट्र ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।


