मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई पुलिस की एमआईडीसी पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हाइड्रो गांजा बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 66 लाख 36 हजार रुपये बताई गई है।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एमआईडीसी पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक रणजीत गोंडकुपे और मादक पदार्थ विरोधी दस्ते की टीम 29 अक्टूबर 2026 को इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान रात करीब 7:50 बजे अंधेरी पूर्व स्थित जे.के. इंडस्ट्रियल एस्टेट के पास पेपर बॉक्स रोड पर दो संदिग्ध व्यक्ति घूमते हुए दिखाई दिए। उनकी गतिविधियों पर संदेह होने के बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने जब दोनों की तलाशी ली तो उनके पास मौजूद लाल रंग के प्लास्टिक बैग में हाइड्रो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम 1985 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार तलाशी और जांच की। इस दौरान आरोपियों के पास से कुल 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा मिला, जिसकी कीमत 66 लाख 36 हजार रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओंकार राजेंद्र पवार (28) और पीयूष मधुकर घोंगडे (22) के रूप में हुई है। ओंकार पवार सातारा जिले के कोरेगांव तालुका स्थित भाकरवाड़ी का रहने वाला है, जबकि पीयूष घोंगडे सातारा जिले के कोरेगांव तालुका स्थित वाठार स्टेशन का निवासी है।
पुलिस को संदेह है कि दोनों आरोपी हाइड्रो गांजे को अपने कब्जे में रखकर उसकी बिक्री, परिवहन और अवैध कारोबार करने की तैयारी में थे। इस मामले में एमआईडीसी पुलिस थाने में पुलिस हवलदार गौतम बड़े की शिकायत पर अपराध क्रमांक 1244/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 8(क), 20(ब) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे हाइड्रो गांजा कहां से लाए थे और इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) मनोज कुमार शर्मा, पश्चिम प्रादेशिक विभाग के अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अभिनव देशमुख, पश्चिम परिमंडल-3 के पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावडे तथा अंधेरी विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त योगेश शिंदे के मार्गदर्शन में की गई।
पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक धनश्याम नायर और पुलिस निरीक्षक गुरु सुनील करांडे की प्रत्यक्ष निगरानी में पुलिस उपनिरीक्षक रणजीत गोंडकुपे, पुलिस हवलदार गौतम बड़े, बाबू पेडणेकर, सचिन ठोंबरे, पुलिस सिपाही लाखंडे और बिनल शिंगणे की टीम ने अंजाम दी।


