225 तबादलों में राजनीतिक हस्तक्षेप के खुलासे के बाद BMC में ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम की राह साफ।

Date:

■ RTI कार्यकर्ता अनिल गलगली के लगातार प्रयासों का असर; इंजीनियरिंग विभाग में रैंडमाइजेशन आधारित तबादला प्रक्रिया लागू करने की तैयारी।


मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर किए गए बड़े खुलासे के बाद अब तबादला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सूचना के अधिकार (RTI) कार्यकर्ता अनिल गलगली के लगातार प्रयासों के बाद महानगरपालिका ने नगर अभियंता कार्यालय के कनिष्ठ अभियंता, उप अभियंता और सहायक अभियंताओं के तबादलों के लिए ऑनलाइन और रैंडमाइजेशन आधारित ट्रांसफर सिस्टम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।


गलगली ने इससे पहले BMC के 225 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों में मंत्रियों, विधायकों, सांसदों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक सिफारिशों का उल्लेख होने का मामला उजागर किया था। इस खुलासे के बाद महानगरपालिका की तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और राजनीतिक हस्तक्षेप का मुद्दा गंभीरता से सामने आया था।

■ मुख्यमंत्री ने भी मामले में हस्तक्षेप किया


225 तबादलों में राजनीतिक सिफारिशों के खुलासे के बाद यह मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बना। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मामले में हस्तक्षेप किया। इसके बाद संबंधित प्रकरण में कार्रवाई करते हुए एक विवादास्पद सनदी अधिकारी के तबादले की जानकारी सामने आई।
इस घटनाक्रम के बाद BMC में तबादला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हुई।

■ अब कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन से होंगे तबादले


BMC के परिपत्र के अनुसार, नगर अभियंता कार्यालय के अंतर्गत आने वाले कनिष्ठ अभियंता, उप अभियंता और सहायक अभियंताओं में एक ही खाते अथवा विभाग में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों के तबादले ऑनलाइन आवेदन और कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन प्रणाली के माध्यम से किए जाएंगे।


नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को ऑनलाइन माध्यम से अपनी तबादला प्राथमिकताएं दर्ज करने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन के आधार पर तबादले किए जाने की व्यवस्था होगी।

■ राजनीतिक दबाव और मनमानी पर लग सकता है अंकुश


ऑनलाइन और रैंडमाइजेशन आधारित व्यवस्था लागू होने से तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही राजनीतिक सिफारिशों, दबाव, पक्षपात और मनमाने तरीके से तबादले किए जाने की संभावनाओं पर भी अंकुश लग सकता है।


■ गलगली बोले- सभी विभागों में लागू हो प्रणाली


RTI कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि 225 तबादलों में राजनीतिक हस्तक्षेप का बड़ा खुलासा होने के बाद तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हो गई थी। उनके अनुसार, ऑनलाइन और रैंडमाइजेशन आधारित तबादला प्रणाली सही दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।


गलगली ने मांग की कि भविष्य में यह प्रणाली महानगरपालिका के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए लागू की जानी चाहिए, ताकि पूरी तबादला प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बन सके।

■ BMC अधिकारियों का जताया आभार


गलगली ने इस निर्णय के लिए BMC आयुक्त अश्विनी भिडे, अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकणे और नगर अभियंता रामचंद्र कदम का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह तबादला प्रक्रिया की दिशा में प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।


225 तबादलों में राजनीतिक हस्तक्षेप के खुलासे से लेकर अब ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम लागू करने की दिशा में BMC के कदम तक, यह घटनाक्रम तबादला प्रक्रिया में सुधार के लिए किए गए लगातार प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related