मुंबई (सं. भा.) शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व विधायक विनोद घोसालकर के बेटे अभिषेक की 8 फरवरी को सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग करते हुए गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। उनके पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मौरिस नोरोन्हा ने अभिषेक की हत्या के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही थी। जबकि मृतक के परिजन ख़ासकर उनके पत्नी ने हाई कोर्ट में मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल खड़े किये थे। हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने माना कि मुंबई पुलिस ने मामले के सभी पहलुओं पर जांच नहीं की है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूर्व शिवसेना (यूबीटी) पार्षद अभिषेक घोसालकर की पत्नी तेजस्वी घोसालकर की याचिका स्वीकार करते हुए मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो को स्थानांतरित कर दी है। जांच के कागजात दो सप्ताह के भीतर सीबीआई को सौंपने का निर्देश भी दिया है। सीबीआई के जोनल निदेशक को मामले की जांच के लिए एक आईपीएस कैडर अधिकारी जो पुलिस अधीक्षक के स्तर से नीचे का न हो। उसको नियुक्त करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने ये भी साफ़ किया है कि सीबीआई अधिकारियों की टीम नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र है। पीठ ने कहा कि मुंबई पुलिस ने मामले के सभी पहलुओं की जांच नहीं की है। ऐसी खामियों को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। क्योंकि इससे न्याय की विफलता होगी। पूर्व विधायक विनोद घोसालकर के 41 वर्षीय बेटे अभिषेक की 8 फरवरी को बोरीवली में एक सोशल मीडिया लाइव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रतिद्वंद्वी 47 वर्षीय मौरिस नोरोन्हा ने इस हत्याकांड के बाद में आत्महत्या कर ली थी।


