मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

बोरीवली स्थित संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के लायन सफारी में १४ वर्ष बाद एक शेर शावक का जन्म हुआ। लॉयन सफारी की ‘मानसी’ नामक मादा शेरनी ने गुरुवार रात एक शावक को जन्म दिया।
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में लॉयन सफारी के लिए गुजरात से लाए गए शेरों के जोड़े ‘मानस’ और ‘मानसी’ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। शेरों का यह जोड़ा २०२२ में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में प्रवेश कियाथा। हालाँकि, दम्पति के बीच तनाव के कारण वे साथ नहीं रह पाए।इस बीच, मानसी बीमार हो गई। पिछले साल पार्क की टीम ने मानसी और मानस को फिर से मिलाने के प्रयास शुरू कियाथा। नवंबर २०२४ में जांच के बाद पता चला कि मानसी गर्भवती है। गुरुवार, १६ जनवरी की रात को मानसी ने एक बच्चे को जन्म दिया। छावा और मानसी दोनों स्वस्थ हैं और फिलहाल वन अधिकारियों की देखरेख में हैं।
शेरों का एक अन्य जोड़ा, रविन्द्र और शोभा को २००९ में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में लाया गया था। शेरों का यह परिवार कई वर्षों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। शोभा की कुछ वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। फिर गोपा और रवींद्र की २०२१ में मृत्यु हो गई, और जेप्सा की २०२२ में मृत्यु हो गई। इस बीच, २०२२ में ‘मानस’ और ‘मानसी’ की जोड़ी को गुजरात से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था।


