श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अपने अस्पतालों, दवाखानों और कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब गुटखा, तंबाकू और पान खाकर आने वाले मरीजों और उनके परिजनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल परिसर और सार्वजनिक स्थानों पर थूककर गंदगी फैलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने नई नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


यह प्रस्ताव BMC के सभागृह नेता गणेश खणकर ने महापालिका सदन में रखा था। उन्होंने मांग की थी कि गुटखा, तंबाकू और पान का सेवन करके आने वाले लोगों को BMC मुख्यालय, विभागीय कार्यालयों, अस्पतालों और दवाखानों में प्रवेश न दिया जाए। प्रशासन ने इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए नियम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अस्पतालों के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मी मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों की जांच करेंगे। यदि कोई व्यक्ति गुटखा या तंबाकू का सेवन किए हुए पाया जाता है, तो उसे अस्पताल में प्रवेश से रोका जा सकता है। साथ ही, उसके पास गुटखा या तंबाकू मिलने पर उसे जब्त करने का भी प्रावधान किया जाएगा।
BMC के स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की जा रही नियमावली में प्रवेश पर रोक, जुर्माना लगाने और थूककर गंदगी फैलाने वाले लोगों से संबंधित स्थान की सफाई करवाने जैसी दंडात्मक कार्रवाई भी शामिल होगी।
महानगरपालिका का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य अस्पतालों और कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखना, सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना और अनुशासन सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था जल्द लागू किए जाने की संभावना है।


