मुंबई वार्ता संवाददाता

सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक सुधीर ढवाले समेत कई लोगों के खिलाफ शनिवार को मुंबई पुलिस ने आज़ाद मैदान के बाहर प्रदर्शन करने के आरोप में मामला दर्ज किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कथित तौर पर जबरन हटाए जाने के विरोध में किया गया था।


आज़ाद मैदान पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर गैरकानूनी जमावड़ा (अनलॉफुल असेंबली) करने का मामला दर्ज किया गया। हालांकि, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया और नोटिस देकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने आवश्यकता पड़ने पर जांच में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
सुधीर ढवाले भी इस प्रदर्शन में शामिल थे। उल्लेखनीय है कि वह भीमा-कोरेगांव एल्गार परिषद मामले के आरोपी रहे हैं और जनवरी 2025 में तलोजा केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा हुए थे।
इसी तरह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के छात्र नेताओं ने भी शनिवार को मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। मरीन ड्राइव पुलिस ने बताया कि 20 से 25 प्रदर्शनकारी वहां एकत्र हुए थे। उनके खिलाफ भी गैरकानूनी जमावड़ा करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया और नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
दरअसल, शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। इस कार्रवाई की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर असहमति की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया।
59 वर्षीय सोनम वांगचुक मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तथा लद्दाख को संवैधानिक और पर्यावरणीय संरक्षण देने के लिए संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) को लागू करना शामिल है।


