गुणवत्तापूर्ण आनंददायी शिक्षण देने में शिक्षकों की बड़ी जिम्मेदारी- शालेय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे

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शालेय शिक्षा मंत्री ने धारावी के स्कूलों का दौरा किया

मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र राज्य को देश में शालेय शिक्षा में अग्रणी बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आनंददायी शिक्षा मिले, इसके लिए शिक्षकों पर बड़ी जिम्मेदारी है, ऐसा प्रतिपादन शालेय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने किया।

शालेय शिक्षा मंत्री श्री भुसे ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका के धारावी काला किल्ला स्कूल संकुल स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल और धारावी ट्रांझिट कैम्प में स्थित अंग्रेजी और सेमी इंग्लिश स्कूलों का दौरा कर उनका निरीक्षण किया। इस दौरान भुसे ने स्कूल के बालवाड़ी और अन्य कक्षाओं, पुस्तकालय, विद्यार्थियों के पढ़ने और लिखने की क्षमता की जांच की।

उन्होंने पोषण आहार में दिए जाने वाले खाद्य पदार्थ, पीने का पानी खुद जांचा। स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, क्राफ्ट रूम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उचित ज्ञान मिल रहा है या नहीं, यह भी समझने की कोशिश की। उन्होंने परिसर की सफाई, विद्यार्थियों और विद्यार्थिनियों के लिए उपलब्ध स्वच्छतागृह, और स्कूल में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी देखे। इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी राय जानी।

स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद भुसे ने शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा की। स्कूलों में विद्यादान कार्य सही ढंग से चलने पर संतोष व्यक्त करते हुए, उन्होंने इस स्तर को बनाए रखने की अपेक्षा जताई।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आनंददायी शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए शिक्षकों की बड़ी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज के किसी भी वर्ग के विद्यार्थी को शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

इस अवसर पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका के शिक्षा अधिकारी राजेश कंकल, जी उत्तर वार्ड की प्रशासनिक अधिकारी स्नेहलता डुंबरे, और स्कूल के कक्षा शिक्षक ने शालेय शिक्षा मंत्री श्री भुसे को स्कूल के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

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