मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के कोस्टल रोड पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई में एक साल के भीतर 80 हजार से अधिक चालान जारी किए गए हैं। सितंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच जारी इन चालानों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने के 30 हजार से अधिक मामले शामिल हैं।


सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है। इन उल्लंघनों के लिए लगभग 11 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया।तेज रफ्तार के कारण जानलेवा हादसे की पृष्ठभूमि में बढ़ी चिंताकोस्टल रोड पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मुद्दा पिछले महीने हुए एक भीषण हादसे के बाद फिर चर्चा में आया था। इस दुर्घटना में तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई थी, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल था, जबकि एक अन्य विद्यार्थी घायल हो गया था। हादसे में एक बीएमडब्ल्यू कार तेज रफ्तार में कोस्टल रोड की सुरक्षा दीवार से टकराने के बाद वर्ली के लोटस जेट्टी के पास निर्माणाधीन स्थल में जा गिरी थी। कार लगभग 70 से 75 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरी थी। सीसीटीवी फुटेज में दुर्घटना से पहले कार तेज गति से चलती दिखाई दी थी।
■ हल्के मोटर वाहनों के 29,727 चालान
आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, सितंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच कार, वैन और जीप जैसे हल्के मोटर वाहनों के खिलाफ 29,727 चालान जारी किए गए। इन मामलों में लगभग 5.9 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया।कोस्टल रोड पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के साथ-साथ मध्यम तथा भारी मोटर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ वाहन चालकों के खिलाफ तेज रफ्तार से वाहन चलाने के मामलों में भी चालान जारी किए गए।
इसके अलावा, यातायात संकेतों और निर्देशों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ 50 हजार से अधिक चालान काटे गए।रात में तेज रफ्तार से दौड़ती हैं लग्जरी कारेंब्रीच कैंडी के एक निवासी ने चिंता जताई कि पुलिस की गश्त के बावजूद देर रात और सुबह के शुरुआती घंटों में महंगी लग्जरी कारें तेज रफ्तार से दौड़ती दिखाई देती हैं। उनके अनुसार, सुरंग से बाहर निकलने के बाद हाजी अली तक के हिस्से में तेज रफ्तार की समस्या अधिक दिखाई देती है। इसके आगे सड़क पर अधिक मोड़ होने के कारण वाहन चालकों को गति कम करनी पड़ती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वाहन चालक अपनी कारों में संशोधित साइलेंसर लगाते हैं, जिससे काफी शोर होता है और वरिष्ठ नागरिकों में भय का माहौल पैदा होता है। उनके मुताबिक, महंगी कारों के मालिकों पर केवल आर्थिक जुर्माने का पर्याप्त असर नहीं हो रहा है। बार-बार नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने जैसे सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
निगरानी कैमरे बंद होने से सुरक्षा पर सवालकोस्टल रोड पर केबलों की बार-बार चोरी और उन्हें काटे जाने के कारण 60 से 65 निगरानी कैमरे बंद हो गए हैं। इसके अलावा, कई हिस्सों में अंधेरा रहने की समस्या भी सामने आई है।वर्ली एएलएम के अध्यक्ष वीरेन शाह ने बताया कि एक स्थानीय निवासी ने मार्कंडेश्वर के पास कुछ लोगों को केबल निकालकर ले जाते देखा था, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) इन केबलों को बदलने का काम कर रही है।तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और निगरानी कैमरों के बंद होने की घटनाओं ने कोस्टल रोड की सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार जारी चालानों के बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी रहना इस बात की ओर संकेत करता है कि प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत बनी हुई है।


