श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद से ही उबाठा नेताओं का शिवसेना में जाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को विक्रोली इलाके के कद्दावर शिवसैनिक एवं पूर्व महापौर दत्ता दलवी , उबाठा का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। वर्ष 2007 तक तीन बार नगरसेवक चुने जा चुके दत्ता दलवी ने उद्धव ठाकरे को करारा झटका दिया है।


सोमवार को मुंबई के पूर्व महापौर और उभाठा के उपनेता दत्ता दलवी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ उपमुख्यमंत्री शिंदे की उपस्थिति में शिवसेना में शामिल हुए। इस मौके पर शिवसेना प्रमुख और डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि अंग्रेजों के बाद मुंबई की सड़कों की सफाई करने वाली पहली पार्टी महायुति थी, लेकिन उससे पहले कुछ लोगों ने मुंबई के खजाने की सफाई कर दी थी।
बीएसमसी चुनाव अक्तूबर में होने की उम्मीद जताई जा रही है। दत्ता दलवी 2005 से 2007 तक मुंबई के मेयर रह चुके हैं। वह लगातार तीन बार पार्षद चुने जा चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि कुछ लोग मुंबई महानगरपालिका को अपनी जागीर समझते हैं, हालांकि, महागठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद, मुंबई में रुकी हुई परियोजनाओं को फिर से शुरू किया गया। सरकार मुंबईवासियों को अच्छे आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।
अब तक उबाठा से 45 से 50 नगरसेवक अपनी मूल शिवसेना में वापस लौट चुके हैं। मुंबई महानगरपालिका में विभिन्न दलों के लगभग 70 मौजूदा नगरसेवक शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इसलिए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विश्वास जताया कि भगवा गठबंधन मुंबई नगर निगम पर भी अपना प्रभाव फैलाएगा।


