मुंबई वार्ता संवाददाता।भिवंडी

मानसून के दौरान समाचार संकलन करते समय पत्रकारों को हो रही परेशानियों को देखते हुए, समाजसेवक परशुराम पाल द्वारा भिवंडी के पत्रकारों को रेनकोट वितरित किए गए।इस दौरान एक पत्रकार परिषद का आयोजन किया गया था, जिसमें उन्होंने नाला सफाई को लेकर मनपा की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल भी उठाए।


परशुराम पाल ने कहा कि वर्ष 2023 में नाला सफाई कार्य में हुई अनियमितताओं को लेकर उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मनपा से कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मांगी थीं। जिस में 90 से 91 प्रतिशत सफाई किए जाने की बात की गई है जो कि पूरी तरह से झूठ है । नाला सफाई का कार्य कितना किया गया है यह सब को पता है थोड़ी बारिश में ही शहर में ज़लजमों की स्थिति उत्पन हो जा रही है । साथ ही शेष जानकारी को गोलमोल जवाबों के पीछे छिपा लिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मनपा अधिकारियों ने बिना उचित स्पष्टीकरण के जरूरी जानकारियाँ देने से इनकार किया, जिससे साफ होता है कि नाला सफाई कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।
परशुराम पाल ने कहा कि भिवंडी शहर में हर साल मानसून के समय जलजमाव एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसके समाधान के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत में कोई सुधार नहीं दिखता।” इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और उनके पास जब सही जानकारी नहीं होती, तो वे जनता तक सच्चाई नहीं पहुंचा सकते। इसलिए पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में परशुराम पाल ने कहा कि मनपा प्रशासन को जवाबदेह बनाना और जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।


