धन, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है पुष्य नक्षत्र ; इस दौरान होगा श्रीफल अनुष्ठान।

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■ दावणगेरे में साध्वी भव्यगुणाश्रीजी की निश्रा में खुशहाल चातुर्मासिक कार्यक्रम शुक्रवार को .

मुंबई वार्ता/संजय जोशी

दावणगेरे में श्री शंखेश्वर पार्श्व राजेन्द्र सूरि गुरुमंदिर संघ काईपेट दावणगेरे में चातुर्मासार्थ विराजित साध्वी भव्यगुणाश्रीजी ने पुष्य नक्षत्र के बारे में कहा कि पुष्य नक्षत्र, जिसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है, 27 नक्षत्रों में से एक है जो बहुत शुभ माना जाता है। यह नक्षत्र धन, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है। बहुत वर्षो के पश्चात ऐसा प्रभावशाली योग आया है।

उन्होंने कहा कि ज्योतिषशास्त्र में पुष्य नक्षत्र को बहुत ही शुभ माना गया है। सत्ताइस नक्षत्रों में आठवां नक्षत्र पुष्य है। सभी नक्षत्रों में इस नक्षत्र को सबसे अच्छा माना जाता है। साध्वीजी ने बताया कि पुष्य का अर्थ है पोषण करने वाला। सुख, शांति, समृद्धि, और सकारात्मक ऊर्जा से भरे इस अनुष्ठान में शामिल होने का सभी को आमंत्रण है। शुक्रवार को इसी दौरान श्रीफल अनुष्ठान के एक विशेष अवसर पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया, यह आयोजन निश्चित ही श्रद्धावान के जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली लाने में मदद करेगा। इस अनुष्ठान में शामिल होकर, आप अपने जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि की प्राप्ति कर सकते हैं। यह अनुष्ठान आपको सकारात्मक ऊर्जा से भर देगा और आपके जीवन को एक नए दिशा में ले जाएगा।

इस दौरान साध्वी शीतलगुणाश्रीजी ने कहा कि पूजा-पाठ करने से भक्ति का निर्माण हो सकता है और वह भक्ति, यदि सच्ची हो, तो शक्ति का सृजन कर सकती है जो अंततः हमें मुक्ति की ओर ले जा सकती है। लेकिन कर्म तो कर्म है। अच्छा कर्म या बुरा कर्म, हमारा कर्म ही है। उन्होंने कहा कि यदि आपने बुरे कर्म किए हैं, तो बुरे कर्मों को निष्प्रभावी करने का एकमात्र उपाय है अच्छे कर्म कीजिए और अच्छे कर्म करने का एक ही मार्ग है भक्ति। यदि हममें भक्ति है, तो हम भक्ति योग की अपनी यात्रा शुरू करते हैं। भक्ति योग, भक्ति और समर्पण के माध्यम से परमपिता परमेश्वर के साथ एकाकार होना है। यदि हम भक्ति में बढ़ते हैं, तो हमें ज्ञान प्राप्त होगा। और जब हमें ज्ञान प्राप्त होगा, तो हम सभी कर्मों से मुक्त हो जाएँगे।

श्री शंखेश्वर पार्श्व राजेन्द्र गुरुमंदिर संघ के अध्यक्ष पुनमचंद सोलंकी ने बताया कि साध्वीवृंद की निश्रा में अनेकविध कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। इसी के अंतर्गत शुक्रवार को सुबह श्रीफल अनुष्ठान होगा। बियासणा के लाभार्थी परिवार संघवी सुरेश कुमार महावीर कुमार अनिल कुमार भावना मधु पिंकी स्वाति सीमा योगेश भावेश हर्ष पक्षाल दक्ष निशा झरणा दिशिता घेवरचंद बालगोत्र परिवार का बहुमान किया गया। पार्श्वनाथ भगवान की आरती एवं मंगल दीपक का लाभ भंवरलाल पेराजमाल परिवार, गुरुदेव की आरती का लाभ पारसमल मांगीलाल परिवार ने लिया। श्री शंखेश्वर पार्श्व राजेन्द्र गुरुमंदिर संघ एवं ट्रस्ट मंडल ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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