श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

गृह राज्यमंत्री (शहर) योगेश कदम ने निर्देश दिया है कि राज्य में नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन और खरीद को नियंत्रित करने के लिए गतिविधियों में वृद्धि की जानी चाहिए। एंटी नार्कोटिक्स सेल के क्षेत्रीय कार्यालय के लिए जगह खोजने हेतु एक अच्छी तरह से नियोजित कार्यक्रम समय-समय पर लागू किया जाना चाहिए। एंटी-नशीले पदार्थ एक्शन फोर्स, और नए खुले कार्यालय में पोस्ट भरी जानी चाहिए । गृह राज्यमंत्री कदम मंत्रालय में आयोजित एक बैठक में बोल रहे थे।


बैठक में गृह विभाग के प्रमुख सचिव अनूप कुमार सिंह, एंटी-नशीले पदार्थ एक्शन फोर्स के पुलिस महानिरीक्षक शारदा राउत , उप सचिव राहुल कुलकर्णी, पुलिस उपायुक्त नवीनाथ धवले और अन्य लोग उपस्थित थे।सरकार ने एक एंटी-नशीले पदार्थों की टास्क फोर्स की स्थापना की है।


गृह राज्यमंत्री कदम ने यह भी निर्देश दिया कि इस टास्क फोर्स में पोस्ट भरने की प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाना चाहिए और इन बलों को अधिक कुशल बनाया जाना चाहिए। नशीली दवाओं की बिक्री, खरीद, परिवहन और रोकथाम को रोकने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए । इस संबंध में अदालत में दायर किए गए मामलों को तुरंत निपटाने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए। लंबित मामलों की विस्तृत जानकारी नियमित रूप से प्रस्तुत की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एंटी-नशीले पदार्थों के एक्शन टीमों के क्षेत्रीय कार्यालयों को शुरू किया जाना चाहिए। इस टीम में शामिल होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अगली पोस्ट के लिए विशेष भत्ते और वेतन के बारे में एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए।समुद्री मार्गों के माध्यम से बड़ी संख्या में दवाओं की तस्करी की जाती है। इसलिए, तटीय क्षेत्रों में नशीली दवाओं के विरोधी बलों को, कुछ विशेष उपकरणों और वाहनों से लैस किया जाना चाहिए। तटीय क्षेत्रों में दवाओं की खरीद और बिक्री पर नजर रखकर संचालन बढ़ाने का निर्देश दिया।



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