मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के मरोल स्थित सेवन हिल्स अस्पताल के निजीकरण को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस ने भाजपा और मुंबई महानगरपालिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा ने भाजपा-शासित मुंबई महानगरपालिका की सुधार समिति द्वारा अस्पताल के निजीकरण को मंजूरी दिए जाने का कड़ा विरोध करते हुए इसे मुंबई की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर हमला बताया।


राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर करीब ₹6,000 करोड़ मूल्य की सार्वजनिक संपत्ति मात्र ₹183 करोड़ में नीता मुकेश अंबानी को सौंपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेवन हिल्स अस्पताल केवल एक जमीन या इमारत नहीं, बल्कि मुंबई की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की जीवनरेखा है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान इस अस्पताल ने 64 हजार से अधिक मरीजों का इलाज कर उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे अस्पताल को निजी मुनाफे के लिए सौंपना जनता के हितों के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता के अनुसार, निजीकरण से मुंबई की सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य संपत्तियों में से एक खतरे में पड़ जाएगी। अस्पताल परिसर में 16.7 एकड़ भूमि पर बना 1,500 बिस्तरों वाला बहु-विशेषज्ञ अस्पताल, लगभग 20 लाख वर्ग फुट स्वास्थ्य सुविधाएं, 120 ओपीडी परामर्श कक्ष, 36 ऑपरेशन थिएटर, आवासीय भवन, व्यावसायिक परिसर तथा प्रस्तावित मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज के लिए आरक्षित भूमि शामिल है।
राजेश शर्मा ने सभी दलों के नगरसेवकों से राजनीतिक मतभेद भुलाकर सेवन हिल्स अस्पताल के निजीकरण का विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि मुंबई की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा का सवाल है।


