मुंबई वार्ता संवाददाता

ठाणे जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के उल्हासनगर महिला बाल सुधार गृह से छह लड़कियों के फरार होने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इनमें से चार लड़कियाँ मिल गई हैं और दो लड़कियाँ अभी भी लापता हैं।


कुछ महीने पहले, इसी सुधार गृह से आठ लड़कियाँ भी सुरक्षा दीवार लांघकर फरार हो गई थीं। इससे उल्हासनगर स्थित इस महिला बाल सुधार गृह के प्रबंधन पर कई सवाल उठ रहे हैं।उल्हासनगर शहर में तहसीलदार कार्यालय के बगल में स्थित यह महिला बाल सुधार गृह अनाथ, भिखारियों, ज़रूरतमंद लड़कियों और विभिन्न अवैध मामलों से बचाई गई अठारह वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को आश्रय प्रदान करता है। यहाँ उन्हें आवास, भोजन और विभिन्न कानूनी मामलों में सहायता प्रदान की जाती है।
विभिन्न मामलों से बचाई गई लड़कियों को भी यहाँ रखा जाता है, इसलिए यहाँ सुरक्षा भी कड़ी रहती है। हालाँकि, पिछले कुछ महीनों में इस सुधार गृह में कई अनियमितताएँ देखी गई हैं।पिछले हफ़्ते, इस सुधार गृह में रहने वाली छह लड़कियाँ सुधार गृह के प्रबंधन से भाग निकलीं। इसकी सूचना मिलने पर ज़िला महिला एवं बाल विकास विभाग ने पुलिस की मदद से तलाश शुरू की। उल्हासनगर पुलिस इनमें से चार लड़कियों को ढूँढने में सफल रही है, लेकिन दो लड़कियाँ अभी भी लापता हैं।इन दो लड़कियों में से एक लड़की पश्चिम बंगाल और दूसरी असम की है।
इन लड़कियों को मानव तस्करी के एक मामले में बचाया गया था। इनमें से दो लड़कियाँ भागकर सीधे अपने-अपने राज्यों में अपने घर चली गईं। बाकी दो लड़कियाँ महाराष्ट्र की हैं और उन्हें वापस सुधार गृह लाया गया है। पुलिस पूछताछ में बरामद लड़कियों ने बताया कि वे यहाँ नहीं रहना चाहती थीं, इसलिए भाग गई थीं।


