मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

नागपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इसमें एक सरकारी ठेकेदार ने आत्मघाती कदम उठाते हुए आत्महत्या कर ली है। इस ठेकेदार का नाम पीवी वर्मा है और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि बकाया बिल राशि समय पर न मिलने पर उन्होंने आत्महत्या कर ली है।


वर्मा का लगभग तीस करोड़ रुपये का बिल सरकार के पास बकाया था। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की जाँच कर रही है और इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीवी वर्मा वर्धा जिले के एमआईडी देवली में कार्यरत थे। इस बीच, उनका लगभग तीस करोड़ रुपये का बिल सरकार के पास बकाया था। इसलिए कहा जा रहा है कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने नागपुर के राजनगर स्थित अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
राज्य ठेकेदार संघ के एम. सरोदे ने कहा है कि राज्य भर के ठेकेदारों पर लगभग ९०,००० करोड़ रुपये का बिल बकाया है और ज़्यादातर ठेकेदार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है। इसके साथ ही, ठेकेदार संघ ने पुलिस और सरकार से इसकी जाँच की माँग की है।


