श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

भारतीय जनता पार्टी के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने आज एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि,” फरवरी में होने वाले मनपा चुनाव में मुंबईकर निर्धारित करेंगे कि कौन किसको गाड़ेगा ?” इससे एक बात तो स्पष्ट हो जाता है कि मुंबई महानगर पालिका चुनाव अगले साल फरवरी माह में होंगे भले ही इस मामले पर कोई आधिकारिक घोषणा न की गई हो।
एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान अमिट साटम ने कहा कि, ” आगामी 30 तारीख को मुंबई उपनगर से लेकर दक्षिण मुंबई तक मेट्रो की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों की जाएगी। इससे यातायात व्यवस्था में काफी सुधार होगा। कुछ लोग मुंबई की प्रगति के मार्ग का रोड़ा बने हुए थे। इन प्रगति की परियोजनाओं से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वो तो सिर्फ प्रगति को रोकने का ही काम कर रहे थे।”


अमिट साटम ने यह भी कहा कि, ” कुछ लोगों का काम सिर्फ आम जनता को भाषावाद , प्रांतवाद के नाम पर दिशा भ्रमित करना ही है। पिछले 25 वर्षो में मुंबई की प्रगति के लिए हमने क्या किया ? पिछले 11 वर्षो में मुंबई की प्रगति और सुधार के लिए क्या किया गया और इसके अतिरिक्त क्या नहीं किया जा सका, जिसे करने की आवश्यकता है ?ऐसे विचारों को लेकर कोई आगे आ ही नहीं रहा है। विपक्ष के पास सिर्फ भाषावाद , प्रांतवाद के नाम पर द्वेष निर्माण करने के अलावा कोई सार्थक मुद्दा बचा ही नहीं है।”


मुंबई का महापौर खान नहीं बनना चाहिए के अमित के बयान का उबाठा नेता संजय राउत द्वारा विरोध किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमिट साटम ने कहा कि, ” उनकी बातों से साफ़ हो जाता है कि उन्हें किसी ‘खान ‘ को ही मुंबई का महापौर बनाना है।मुंबईकर सुबह 7 से रात 11 बजे तक काम में व्यस्त रहता है। सबके पास काम है, सिर्फ उनके पास ही कोई काम नहीं बचा है। मुंबईकरो के लिए भाजपा क्या कर रही है, इस बात का सभी मुंबईकरो को संज्ञान है।”



देर आए दुरुस्त आए