मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

देश की पहली बुलेट ट्रेन का काम ज़ोरों पर चल रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर एक बड़ी जानकारी दी है। गुजरात के अहमदाबाद में १०वाँ स्टील ब्रिज सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। NHSRCL के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का 10वाँ स्टील ब्रिज अहमदाबाद ज़िले में स्थापित किया गया है। ६० मीटर लंबे इस स्टील ब्रिज को पश्चिमी रेलवे ट्रैक (लॉन्ड्री) के पास लॉन्च किया गया है। इस ब्रिज को सात घंटे में स्थापित किया गया।


बयान के अनुसार, इस स्टील ब्रिज को स्थापित करने का काम चुनौतीपूर्ण था। पहले इसे ज़मीन से १६.५ मीटर की ऊँचाई पर जोड़ा गया और फिर इसे साइड-स्लीव किया गया। जिसमें २०० टन क्षमता वाले दो जैक का इस्तेमाल किया गया। १२ मीटर ऊँचा, ११.४ मीटर चौड़ा और ४८५ मीट्रिक टन वज़नी यह स्टील ब्रिज वर्धा में बनाया गया था। इसे एक विशेष रूप से निर्मित ट्रेलर में अहमदाबाद लाया गया था।अहमदाबाद में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन वायडक्ट कुल ३१ क्रॉसिंग से होकर गुज़रता है, जिसमें रेलवे ट्रैक, फ्लाईओवर, नहरें, साबरमती नदी पर एक नदी पुल और छह स्टील ब्रिज शामिल हैं। पूरे कॉरिडोर के लिए कुल 28 स्टील ब्रिज बनाने की योजना बनाई गई है, जिनमें से १७ गुजरात में और ११ महाराष्ट्र में हैं।


बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन गुजरात में होगा। यह ट्रायल रन सूरत और बिलिमोरा के बीच होने की संभावना है। रेल मंत्री पिछले एक महीने में दो बार बुलेट ट्रेन के काम का निरीक्षण कर चुके हैं।मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन का आखिरी स्टेशन बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में बनाया जाएगा। बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद यहां वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि की संभावना को देखते हुए मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने यहां बहुमंजिला पार्किंग स्थल बनाने की योजना भी तैयार की है।
बुलेट ट्रेन से मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी दो से ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड इस ५०८ किलोमीटर लंबे रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने पर काम कर रहा है। इस रूट का आखिरी स्टेशन बीकेसी होगा और यह भूमिगत होगा। बुलेट २०२८-२९ तक शुरू होने की संभावना है। इस स्टेशन के शुरू होने के बाद बीकेसी आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ जाएगी। स्टेशन के पास पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। इसलिए योजना प्राधिकरण एमएमआरडीए की चिंता बढ़ गई है।
दरअसल बीकेसी में पहले से ही ट्रैफिक की समस्या रही है, बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद वाहनों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक की समस्या और विकराल होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए बहुमंजिला पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए एक मसौदा तैयार किया जाएगा और उसके अनुसार बहुत जल्द काम शुरू हो जाएगा।


