■ गिरफ्तारी को भी सही बताया.
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

करीब १३,००० करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक फ्रॉड केस में फरार मेहुल चोकसी को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। बेल्जियम की एक कोर्ट ने शुक्रवार को हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के भारत एक्सट्रैडिशन को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने यह भी फैसला सुनाया कि बेल्जियम के अधिकारियों द्वारा उसकी गिरफ्तारी सही है।


मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि चोकसी को भारत लाने की दिशा में यह एक अहम कदम है। अधिकारी ने कहा कि मेहुल चोकसी के पास अभी भी इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का ऑप्शन है। इसलिए, इसे तुरंत नहीं लाया जा सकता, लेकिन पहला और बहुत अहम कदम पूरा हो गया है।इससे पहले, बेल्जियम के एंटवर्प की एक कोर्ट ने शुक्रवार को चोकसी की ओर से भारत और बेल्जियम के वकीलों की दलीलें सुनीं और फैसला सुनाया कि उसकी गिरफ्तारी और भारत की एक्सट्रैडिशन रिक्वेस्ट पूरी तरह वैलिड है।


६५ साल के चोकसी को एंटवर्प पुलिस ने ११ अप्रैल को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की एक्सट्रैडिशन रिक्वेस्ट के आधार पर गिरफ्तार किया था और वह चार महीने से ज़्यादा समय से जेल में है। चोकसी ने बेल्जियम की कई अदालतों में ज़मानत के लिए भी अर्ज़ी दी थी, लेकिन उसकी अर्ज़ी खारिज कर दी गई थी।
■ मेहुल चोकसी पर क्या आरोप हैं?(
१) मेहुल चोकसी और नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक स्कैम में आरोपी हैं।
(२) मेहुल चोकसी और नीरव मोदी पर १‘३,५०० करोड़ रुपये के फ़ाइनेंशियल फ्रॉड का आरोप है।
(३) नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके अपनी कंपनियों के लिए LOUs (लेटर ऑफ़ अंडरटेकिंग) और फ़ॉरेन लेटर ऑफ़ क्रेडिट लेने का आरोप है।


