जय सिंह / मुंबई वार्ता

नशे के कारोबारियों द्वारा चलाई जा रही सिंथेटिक ड्रग्स निर्माण फैक्टरी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने गुजरात के वलसाड ज़िले में अल्प्राज़ोलम (Alprazolam) नामक मादक पदार्थ बनाने वाली एक फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन व्हाइट कॉड्रन” नाम से की गई, जिसमें ₹22 करोड़ मूल्य की अल्प्राज़ोलम जब्त की गई और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सूत्रधार — फाइनेंसर, निर्माता और दवा का प्राप्तकर्ता — शामिल हैं।


यह फैक्ट्री गुजरात स्टेट हाइवे (SH) 701 से दूर, एक सुनसान इलाके में संचालित की जा रही थी। डीआरआई को गुप्त सूचना मिलने के बाद इस फैक्ट्री पर नजर रखी गई। इसके बाद, 4 नवंबर 2025 को अधिकारियों ने त्वरित और समन्वित छापा मार कार्रवाई की, जिसमें पूरी तरह सुसज्जित अवैध निर्माण यूनिट का भंडाफोड़ हुआ।
जप्त किए गए पदार्थ और उपकरण:-
9.55 किलोग्राम तैयार अल्प्राज़ोलम
104.15 किलोग्राम अधूरा (सेमी-फिनिश्ड)
अल्प्राज़ोलम431 किलोग्राम
कच्चा माल, जिनमें p-Nitrochlorobenzene, Phosphorous Pentasulfide, Ethyl Acetate और Hydrochloric Acid जैसे रासायनिक पदार्थ शामिल हैं ।


औद्योगिक स्तर की उत्पादन इकाई — रिएक्टर, सेंट्रीफ्यूज, इंडस्ट्रियल रेफ्रिजरेशन यूनिट और हीटिंग मेंटल जैसी मशीनें ।
इस ऑपरेशन में दो प्रमुख व्यक्ति — निर्माण और वित्तपोषण से जुड़े तथा एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, तेलंगाना से दवा लेने आए व्यक्ति को भी पकड़ा गया, जिससे गिरफ्तारियों की कुल संख्या चार हो गई।
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि तैयार की गई अल्प्राज़ोलम तेलंगाना भेजी जानी थी, जहां इसे ताड़ी में मिलाने के लिए प्रयोग किया जाना था। गौरतलब है कि इसी वर्ष अगस्त 2025 में डीआरआई ने आंध्र प्रदेश के अच्चुथपुरम (अनकापल्ली ज़िला) में भी ऐसी ही एक अल्प्राज़ोलम फैक्ट्री पकड़ी थी, जहाँ से 119.4 किलोग्राम अल्प्राज़ोलम जब्त की गई थी — जो तेलंगाना के लिए ही भेजी जानी थी।
इस वर्ष अब तक, डीआरआई ने खुफिया जानकारी के आधार पर चार गुप्त ड्रग्स निर्माण इकाइयों का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई डीआरआई की सतर्कता, दक्षता और सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है — ताकि नागरिकों को मादक और मनोदैहिक पदार्थों के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके।


