मुंबई वार्ता/ सतीश सोनी

कल्याण रेलवे स्टेशन के फुटब्रिज पर सो रहे एक मज़दूर परिवार के 8 महीने के बच्चे का अपहरण हो गया था। सौभाग्य से, कल्याण रेलवे पुलिस और महात्मा फुले पुलिस ने मात्र 6 घंटे में मामले को सुलझा लिया, बच्चे को बचा लिया और आरोपी अक्षय खरे और उसकी मौसी सविता खरे को गिरफ्तार कर लिया गया है।


बच्चा चुराने की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी।पुणे से आए नीलेश कुंचे और उनकी पत्नी पूनम पोंगर २ नवंबर को काम की तलाश में कल्याण आए थे, लेकिन उन्हें न तो काम मिला और न ही रहने की जगह। इसलिए, वे अपने ३ बच्चों के साथ कल्याण स्टेशन के एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने वाले फुटब्रिज पर सो गए।सुबह करीब ४ बजे एक युवक पुल पर आया। उसने कुंचे परिवार को सोते हुए देखा , मौके का फायदा उठाकर, 8 महीने के बच्चे , जो तीनों सो रहे बच्चों में सबसे छोटा था को उठा लिया और वहाँ से सिंडिकेट इलाके की ओर चल दिया।
सुबह ६ बजे जब नीलेश और पूनम पोंगर उठे, तो 8 महीने का बच्चा गायब देखकर दंग रह गए। उन्होंने तुरंत आसपास तलाश की, लेकिन बच्चा कहीं नहीं मिला।सुबह ६.३० बजे, वे कल्याण जीआरपी पुलिस स्टेशन पहुँचे और बच्चे के अपहरण का मामला दर्ज कराया।


अपराध की गंभीरता को देखते हुए, महात्मा फुले पुलिस ने कल्याण रेलवे पुलिस के साथ मिलकर तुरंत जाँच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण परदेशी के मार्गदर्शन में, पुलिस अधिकारी विकास मडके की एक टीम ने जाँच की।पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की। फुटेज में अक्षय खरे बच्चे को ले जाते हुए साफ़ दिखाई दे रहा था। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने सिर्फ़ 6 घंटे में ही आरोपी को सिंडिकेट परिसर से ढूंढ निकाला।पुलिस ने बच्चा चुराने वाले आरोपी अक्षय खरे को हिरासत में ले लिया। जाँच के दौरान, पता चला कि अक्षय की मौसी सविता खरे भी अपराध में शामिल थी, इसलिए उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।


