■ सभी करदाता इस अपडेट को तुरंत पूरा कर लें ताकि परेशानी या व्यापारिक रुकावट का सामना न करना पड़े : शंकर ठक्कर।
मुंबई वार्ता संवाददाता

कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया जीएसटीएन ने एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। जिसके मुताबिक जीएसटी पोर्टल पर जल्द ही जुड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। अगर इन नियमों को नजरअंदाज किया, तो कारोबारियों का जीएसटी पंजीकरण (GST Registration) तक सस्पेंड हो सकता है।


जीएसटीएन ने एक एडवाइजरी जारी की है और इसमें साफ कर दिया है कि जीएसटी पोर्टल पर नियम 10A से जुड़े बदलाव अब जल्द ही लागू कर दिए जाएंगे। इस बदलाव के बाद देश के हजारों कारोबारियों पर असर पड़ सकता है क्योंकि जिन भी रजिस्टर्ड टैक्सपेयर्स ने अभी तक अपना बैंक अकाउंट अपडेट नहीं किया है, उनका जीएसटी पंजीकरण सीधे निलंबित किया जा सकता है। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजीकरण निलंबित होते ही कारोबारियों की इनवॉइसिंग और टैक्स फाइलिंग दोनों रुक जाएंगी जिससे व्यापार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।


नियम 10A के तहत हर करदाता को जीएसटी पंजीकरण मिलने के 30 दिन के भीतर अपनी बैंक अकाउंट डिटेल्स पोर्टल पर भरना जरूरी है। अगर कोई करदाता 30 दिन के भीतर यह जानकारी नहीं देता है या फिर GSTR-1 या IFF फाइल करने से पहले बैंक डिटेल अपडेट नहीं करता है तो सिस्टम अब खुद ही इस नियम को लागू करेगा और पंजीकरण को निलंबित की कैटेगरी में डाल देगा।यह नियम टीसीएस, टीडीएस और ऐसे करदाता पर लागू नहीं होता जिन्हें अधिकारियों ने स्वतः पंजीकरण किया हो।


जीएसटीएन ने कहा है कि यह बदलाव सिस्टम में एक्टिवेट होने के बाद स्वतः लागू हो जाएंगे और पोर्टल किसी भी करदाता को आगे बढ़ने नहीं देगा जिसके खाते की जानकारी अपडेट नहीं हुई है।
शंकर ठक्कर ने आगे कहा इससे उन व्यवसायों पर खास दबाव बन सकता है जो अब तक इस प्रक्रिया को टालते रहे हैं। बैंक डिटेल अपडेट न होने पर न तो सही तरीके से इनवॉइस बनाया जा सकेगा और न ही आउटवर्ड सप्लाई का डेटा फाइल किया जा सकेगा जिससे व्यापारिक गतिविधियां ठप होने का खतरा है। करदाता अपने बैंक खाते की जानकारी जीएसटी पोर्टल पर नॉन कोर अमेंडमेंट के जरिए अपडेट कर सकते हैं। इसलिए सभी करदाता इस अपडेट को तुरंत पूरा कर लें ताकि नया सिस्टम लागू होने पर किसी भी तरह की परेशानी या व्यापारिक रुकावट का सामना न करना पड़े।


