■ इंजीनियर पति ने पत्नी को दिया नकली टिकट। पति, पत्नी गिरफ्तार।
जय सिंह /मुंबई वार्ता

मध्य रेल में हाई-टेक फर्जीवाड़े का सनसनी खेज मामला सामने आया हैं।कल्याण–दादर एसी लोकल में एक महिला यात्री को फर्जी यूटीएस जनरेटेड सीज़न टिकट के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है। जब टिकट परीक्षक विशाल नवले ने महिला यात्री का टिकट चेक किया, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इंजीनियर पति ने पत्नी को फर्जी ए सी रेलवे पास बनाकर दिया था। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं।


कल्याण से दादर एसी लोकल में टिकट परीक्षक विशाल नवले ने 26 नवंबर 2025 को एक महिला यात्री से टिकट पूछा तो महिला ने यूटीएस टिकट क्रमांक X06YDZG055 अंबरनाथ से दादर तक का दिखाया गया था, जिसकी वैधता 11 दिसंबर 2025 तक दर्शाई गई थी।नवले को टिकट संदिग्ध लगा क्योंकि टिकट यूटीएस की जगह गूगल क्रोम में खुल रहा था और क्यू आर कोड भी नहीं दिख रहा था। तत्काल सत्यापन कराया गया। जांच में खुलासा हुआ कि टिकट नकली था और किसी पहले से समाप्त टिकट की नकल कर बनाया गया था। यात्री की पहचान गुड़िया शर्मा के रूप में हुई है।


चौकाने वाली बात यह है कि गुड़िया शर्मा एक निजी बैंक में सेल्स मैनेजर का काम करती है। गुड़िया के मोबाइल से और 10 फर्जी पास मिले हैं जिनकी जांच जीआरपी कल्याण कर रही हैं। जांच सामने आया कि यह फर्जी सीज़न टिकट महिला यात्री के पति ओमकार शर्मा जो कि पेशे से इंजीनियर है,ए आई की मदद से , तैयार किया था और उपयोग के लिए दिया था। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता अधिनियम 2023 की धारा 318/4, 336/2, 336/3, 340 और 3/5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मोबाइल में मिले अन्य 10 पास के बारे में भी पुलिस जांच कर रही है कि आखिर यह पास और किन-किन लोगों को मुहैया कराए गए थे।
15 नवंबर 2025 को भी मध्य रेलवे के एक टिकट परीक्षक में एक यात्री को फर्जी सीजन टिकट के साथ यात्रा करते हुए पकड़ा, जिसके बाद सरकारी रेलवे पुलिस द्वारा एफ आई आर दर्ज की गई हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि केवल अधिकृत टिकट ही लें,बुकिंग काउंटर, एटीवीएम या मोबाइल यूटीएस ऐप से।रेलवे ने चेतावनी दी है कि नकली टिकट बनाना या उस पर यात्रा करना गंभीर अपराध है, जिसके लिए 7 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।


