श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और लेन कटिंग जैसे नियमों के उल्लंघन में लगातार वृद्धि होती जा रही है। जुलाई 2024 से लागू किए गए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमस) ने अब तक 36 लाख वाहन चालकों को ई-चालान भेजे हैं। आरटीओ से मिली जानकारी के अनुसार इन चालानों के माध्यम से 600 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से अब तक 90 करोड़ रुपये वसूल हुए हैं।


आईटीएमस के आने के बाद पूरी चालान प्रक्रिया अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी हो गई है। एक्सप्रेस-वे पर आईटीएमस के संचालन से कैमरों और सेंसरों के जरिए हर वाहन पर रियल टाइम नजर रखी जाती है। ओवरस्पीडिंग की पहचान पूरी तरह स्वचालित है। लेन कटिंग, गलत दिशा में ड्राइविंग, सीट बेल्ट न लगाना जैसे अन्य नियमभंग की वीडियो फुटेज की जांच कर चालान जारी किए जाते हैं।


आरटीओ अधिकारी के अनुसार इस सिस्टम के बाद नियमों को लेकर सड़कों पर अनुशासन बढ़ा है और दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। यह हाई-टेक प्रोजेक्ट एमएसआरडीसी, आरटीओ और हाईवे पुलिस द्वारा पीपीपी मॉडल पर लागू किया गया है। प्रोजेक्ट की कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें रोड सेफ्टी फंड से योगदान के रूप में 45 करोड़ रुपये मिले हैं। सिस्टम के लिए एक्सप्रेसवे पर आधुनिक तकनीक आधारित संरचना स्थापित की गई है।
आईटीएमस के माध्यम से कुल 17 प्रकार के नियम उल्लंघनों पर चालान जारी किए जा रहे है। अधिकारियों का दावा है कि इस सख्ती के बाद एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं में कमी आई है और सुरक्षा में सुधार हुआ है। इनमें प्रमुख है-ओवर स्पीडिंग, सीट बेल्ट न लगाना,लेन बदलते समय इंडिकेटर न देना,गलत दिशा में गाडी चलाना,मोबाइल फोन का उपयोग,ओवरलोडिंग,प्रतिबंधित लेन में प्रवेश।



यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए