■ जेल से गिरोह संचालन का आरोप.
● भवन निर्माता समय चौहान हत्याकांड का मास्टरमाइंड होने का आरोप.
मुंबई वार्ता संवाददाता

जे.जे. हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा, दाऊद गिरोह से जुड़ा रहा कुख्यात गैंगस्टर सुभाष सिंह ठाकुर अब विरार के बिल्डर समय चौहान की हत्या का मास्टरमाइंड होने के आरोपों के घेरे में है। पालघर जिले की मीरा-भाईंदर वसई-विरार पुलिस की क्राइम ब्रांच (यूनिट-4) ने उसे पूछताछ के लिए उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया है।


जानकारी के अनुसार ठाकुर भले ही देश की किसी भी जेल में रहा हो, पालघर जिले में उसके गिरोह की सक्रियता लंबे समय तक बनी रही। बताया जाता है कि बीमारी का बहाना बनाकर जब वह करीब पांच वर्षों तक वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती रहा, तब भी पालघर से उसके गिरोह के लोग उससे मिलने पहुंचते रहे।महाराष्ट्र पुलिस की पालघर क्राइम ब्रांच (मीरा-भाईंदर वसई-विरार यूनिट) ने फतेहगढ़ सेंट्रल जेल, उत्तर प्रदेश से थाने के आदेश पर प्रोडक्शन वारंट के तहत सुभाष सिंह ठाकुर को हिरासत में लिया। मंगलवार को उसे फतेहगढ़ जेल से वसई लाया गया। ठाकुर पहले से ही फतेहगढ़ जेल में बंद था पर विरार के एक बिल्डर की 2022 में हुई हत्या के मामले में उसके खिलाफ अभियोग दर्ज होने के बाद उसे महाराष्ट्र लाने की प्रक्रिया शुरू की गई।


■ क्या है मामला?
2022 विरार बिल्डर हत्या केस*फरवरी 2022 में 32 वर्षीय बिल्डर समय सिंह चौहान की दोपहर के समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार यह सुपारी किलिंग थी। जांच के दौरान सुभाष सिंह ठाकुर का नाम मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया और गोली चलाने वाले आरोपियों से उसके तार जुड़े बताए गए। हालांकि उस समय ठाकुर खुद जेल में था, लेकिन पुलिस को संदेह है कि उसने इस हत्या की साजिश में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई। अब इस केस में उसकी कथित भागीदारी की विस्तृत जांच की जा रही है। अदालत में पेशी के लिए उसे थाना कोर्ट ले जाकर हाजिर किया गया है।


■ सुभाष सिंह ठाकुर का आपराधिक इतिहास.
सुभाष सिंह ठाकुर एक कुख्यात अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर है, जिसका नाम मुंबई और उत्तर भारत दोनों क्षेत्रों में सक्रिय अपराध नेटवर्क से जुड़ा रहा है। उसे दाऊद इब्राहिम का गुरु माना जाता रहा है, विशेषकर 1990 के दशक में अंडरवर्ल्ड ट्रेनिंग के दौर में। उसके खिलाफ हत्या, शूटआउट और टाडा जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज रहे हैं।
■ प्रमुख मामला: जे.जे. हॉस्पिटल शूटआउट.
दाऊद गिरोह और अरुण गवली गिरोह के बीच अदावत के दौरान दाऊद की बहन हसीना पारकर के पति इब्राहिम पारकर उर्फ लम्बू की हत्या कर दी गई थी। इसका बदला लेने के लिए अस्पताल में भर्ती शैलेश हलदणकर (गवली गिरोह से जुड़ा) की हत्या की जिम्मेदारी सुभाष सिंह ठाकुर और उसकी टीम को सौंपी गई।12 सितंबर 1992 को मुंबई के जे.जे. हॉस्पिटल में हुए शूटआउट में एके-47 का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में सुभाष सिंह ठाकुर, बच्ची पांडे, बाब ग्रैबियल समेत पूर्वांचल के माफिया बृजेश सिंह का नाम भी सामने आया था। हालांकि साक्ष्यों के अभाव में कई आरोपी छूट गए। इस हमले में शैलेश हलदणकर के अलावा हेड कॉन्स्टेबल गजानन जावसेन और कॉन्स्टेबल कवलसिंह भानावत की मौत हुई थी, जबकि अस्पताल के कर्मचारी, मरीज और पुलिसकर्मी घायल हुए थे।इस केस में ठाकुर को पहले फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में माफी देकर आजीवन कारावास में बदल दिया गया।
■ अस्पताल में लंबा प्रवास और वापसी जेल.
पिछले लगभग पांच वर्षों तक सुभाष सिंह ठाकुर वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में भर्ती रहा। आरोप है कि उसने बीमारी का बहाना बनाकर जेल से बाहर रहकर इलाज कराया। बाद में पुलिस कमिश्नर की ओर से गठित 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने उसकी जांच की और उसे स्वस्थ पाया। इसके बाद उसे दोबारा फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया। इस पूरे प्रकरण को जेल और पुलिस निगरानी के दुरुपयोग तथा अपराध नेटवर्क के संचालन से जोड़कर देखा गया।
■ आगे की कार्रवाई.
ठाणे कोर्ट ने ठाकुर के खिलाफ अभियोजन और कोर्ट प्रोडक्शन वारंट जारी किया था। इसके आधार पर पालघर क्राइम ब्रांच ने उसे फतेहगढ़ जेल से कस्टडी में लिया। पुलिस का कहना है कि ठाकुर ने जेल के भीतर से ही आपराधिक नेटवर्क को संचालित किया और हत्या की साजिश रची। अब रिमांड और पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि हत्या में उसकी क्या भूमिका थी,क्या अन्य अपराधों और साजिशों में उसका नेटवर्क शामिल है, बाहर सक्रिय उसके सहयोगी किन गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, मीरा-भाईंदर में हुए बंटी प्रधान हत्याकांड में भी ठाकुर गिरोह के लोगों का नाम सामने आया था। यदि सूत्रों पर भरोसा किया जाए तो आज भी मीरा-भाईंदर, वसई-विरार, नालासोपारा और नायगांव क्षेत्रों में उसका प्रभाव बना हुआ है और जमीन के सौदों में उसके गिरोह की दखल की चर्चा होती रही है।
फिलहाल, गैंगस्टर सुभाष सिंह ठाकुर को फतेहगढ़ जेल से महाराष्ट्र लाया गया है, ताकि विरार बिल्डर हत्याकांड समेत अन्य मामलों में आगे की जांच और अदालत में पेशी की जा सके। ठाणे कोर्ट ने आरोपी को 22 तारीख तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।


