मुंबई वार्ता संवाददाता

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी को मुंबई हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं, मुंबई हाईकोर्ट के मौजूदा प्रभारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे को पदोन्नति देकर कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की सिफारिश को राष्ट्रपति ने शनिवार (6 सितंबर) देर रात मंजूरी दे दी।


न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी मुंबई हाईकोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। उन्होंने वर्ष 1990 में लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की थी। उनका मुख्य रूप से दीवानी मामलों में वकालत का अनुभव रहा है। अक्टूबर 2007 से वे उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी कार्यरत रहे।
इसके बाद 27 सितंबर 2013 को न्यायमूर्ति त्रिपाठी को इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 10 अप्रैल 2015 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। अब उन्हें मुंबई हाईकोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट की जिम्मेदारी
मुंबई हाईकोर्ट में करीब 13 वर्षों तक कार्यरत रहे न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे को इस वर्ष जून में प्रभारी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। अब उन्हें पदोन्नति देकर कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
■ मराठा आरक्षण मामले पर पड़ेगा असर
न्यायमूर्ति घुगे की अध्यक्षता वाली पूर्णपीठ के समक्ष सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े मामले की पिछले करीब एक वर्ष से नियमित सुनवाई चल रही थी। इस मामले में याचिकाकर्ताओं और आरक्षण का विरोध करने वाले पक्षकारों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं।
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता मिलिंद साठ्ये की दलीलें चल रही थीं। न्यायमूर्ति घुगे के स्थानांतरण के बाद इस मामले की सुनवाई के लिए नई पूर्णपीठ गठित करनी होगी और मामले की सुनवाई नए सिरे से आगे बढ़ानी पड़ सकती है। इससे मराठा आरक्षण मामले की सुनवाई और उसके आगे के कानूनी घटनाक्रम पर भी असर पड़ने की संभावना है।


