मुंबई वार्ता संवाददाता

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद मुंबई की प्रारूप मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। शहर की मूल करीब एक करोड़ मतदाताओं वाली सूची से 30 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इनमें बड़ी संख्या मृत और मुंबई से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की है।


मुंबई में प्रारूप मतदाता सूची में कुल 34.75 प्रतिशत नाम कम हुए हैं। विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों में चांदिवली में सबसे अधिक मतदाताओं की संख्या घटी है। यहां 2024 की सूची के 4,62,346 मतदाताओं में से 1,91,577 नाम कम हुए हैं। इसके बाद मानखुर्द-शिवाजीनगर में 1,46,912 और मालाड पश्चिम में 1,41,584 नाम कम हुए हैं।
प्रतिशत के लिहाज से कुलाबा विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यहां 2,54,910 मतदाताओं में से 1,19,606 नाम कम हुए, यानी करीब 46.9 प्रतिशत की कमी हुई है।
चुनाव विभाग ने स्पष्ट किया है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करना है। इसमें मृत, स्थानांतरित, अनुपलब्ध तथा अन्य कारणों से सत्यापन में नहीं मिले मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। हालांकि, महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस प्रक्रिया में एक भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। गलत जानकारी देकर नाम हटाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ पुलिस शिकायत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
■ पात्र मतदाताओं के लिए दावा-आपत्ति का मौका
प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में नहीं है, वे दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, जबकि मतदाता सूची में सुधार के लिए निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित किए जाने की जानकारी दी गई है।
चुनाव विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी प्रविष्टि की जांच करें और यदि नाम गायब है या विवरण में गलती है तो निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति दर्ज कराएं।


