मुंबई वार्ता संवाददाता

‘Wizard Traders 7’ के नाम से फर्जी फेसबुक पेज बनाकर अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले दो मुख्य आरोपियों को ओशिवारा पुलिस ने राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, पुराने सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और पेटीएम का क्यूआर स्कैनर समेत कई सामान बरामद किए हैं।


पुलिस के अनुसार, ओशिवारा पुलिस थाने की सीमा में रहने वाली एक महिला शिकायतकर्ता को फेसबुक चलाते समय ‘Wizard Traders 7’ नाम का एक पेज दिखाई दिया। इस पेज का इस्तेमाल फर्जी तरीके से लोगों को निवेश के नाम पर अधिक रकम दिलाने का लालच देने के लिए किया जा रहा था। पेज पर 99 रुपये लगाने पर 999 रुपये मिलने का दावा किया गया था।शिकायतकर्ता ने उक्त फेसबुक पेज पर क्लिक किया, जिसके बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सऐप नंबर के जरिए उससे संपर्क किया।


आरोपी ने शिकायतकर्ता को निवेश से संबंधित जानकारी देने के बाद 99 रुपये जमा करने के लिए कहा। इसके बाद भेजे गए क्यूआर कोड के माध्यम से शिकायतकर्ता से रकम ट्रांसफर कराई गई।इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से शिकायतकर्ता से संपर्क कर विभिन्न कारण बताए और उसे अपने बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करने के लिए राजी किया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने कुल 73,921 रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी की। इसके बाद उसने ओशिवारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अपराध में इस्तेमाल किया गया ‘Wizard Traders 7’ फेसबुक अकाउंट आरोपियों से जुड़ा है। पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य माध्यमों से दोनों मुख्य आरोपियों की पहचान की। दोनों आरोपी पिछले कुछ दिनों से राजस्थान के जयपुर जिले में अलग-अलग स्थानों पर रहकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे।
ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम ने राजस्थान पुलिस की मदद से कार्रवाई करते हुए दीपक सिताराम मीना (29) और हरिकेश गोपाल मीना (30) को जयपुर से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं। आरोपियों को मुंबई लाकर अंधेरी स्थित रेलवे मोबाइल कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 9 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
आरोपियों से ये सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपराध से संबंधित कई सामान बरामद किए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के पुराने इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड, एक बैंक का डेबिट कार्ड और पेटीएम कंपनी का क्यूआर स्कैनर शामिल है। बरामद सामान की मदद से पुलिस ठगी के नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। इस मामले में गु.र.क्र. 1020/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(क) और 66(ड) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस उपायुक्त पुरुषोत्तम कराड , सहायक पुलिस आयुक्त विनायक चैहान के निर्देशानुसार उक्त कार्रवाई वर्सोवा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय चौहान की टीम ने की है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी फेसबुक पेज के जरिए कितने लोगों को निशाना बनाया गया और इस ऑनलाइन ठगी में इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


