मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई की एक विशेष अदालत ने संगठित अपराध और जबरन वसूली के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एमएचबी (MHB) पुलिस स्टेशन में दर्ज 2020 के एक मामले में, माननीय न्यायाधीश श्री एन. आर. प्रधान ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA/मकोका) के तहत दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।


■ मामला और सजा का विवरण.
दहिसर (पश्चिम) इलाके में जनवरी 2020 में हुई एक घटना के संदर्भ में कोर्ट ने निम्नलिखित आरोपियों को दोषी पाया:
● मारू यल्लाप्पा कुंचिकर्वे (मुख्य आरोपी और आदतन अपराधी)
● सनी सुल्तान सिंह (सह-आरोपी)
अदालत ने दोनों आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए 10 साल के सश्रम कारावास और कुल 17 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
■ क्या थी घटना?
मुख्य आरोपी मारू कुंचिकर्वे एक शातिर अपराधी है। जनवरी 2020 में उसने लिंक रोड, दहिसर (पश्चिम) में रिक्शा पार्किंग चलाकर अपना जीवन यापन करने वाले एक बुजुर्ग दंपति से रंगदारी (खंडणी) की मांग की थी। जब दंपति ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो मारू ने अपने साथी सनी सुल्तान सिंह के साथ मिलकर चॉपर और चाकू से उन पर जानलेवा हमला किया और उन्हें लूट लिया था।
●जांच और कानूनी टीम
इस मामले को तार्किक अंजाम तक पहुँचाने में पुलिस और अभियोजन पक्ष की अहम भूमिका रही:
तपासी अधिकारी: सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुनील वडके और पुलिस निरीक्षक (अपराध) धनंजय लिगाडे।
सरकारी वकील: श्री विजय मालनकर, जिन्होंने कोर्ट में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।
समन्वय और सहयोग: एमएचबी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवली, पुलिस निरीक्षक अतुल आव्हाड, उप-निरीक्षक वसीम शेख और कोर्ट क्लर्क श्रीमती देवलेकर ने मामले का निरंतर फॉलो-अप और समन्वय सुनिश्चित किया।



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