श्रीश उपाध्याय/यश भारत

मुंबईकरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मढ–वर्सोवा केबल-स्टेड पुल परियोजना के पूरा होने से पश्चिमी उपनगरों में यात्रा बेहद आसान हो जाएगी और ट्रैफिक जाम से भी बड़ी निजात मिलेगी। फिलहाल मढ से वर्सोवा तक का सफर डेढ़ घंटे तक का हो जाता है, लेकिन यह पुल शुरू होने के बाद यही दूरी महज 10 मिनट में तय की जा सकेगी।


बृहन्मुंबई महानगरपालिका (मनपा) फरवरी 2026 से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य की शुरुआत करने की तैयारी में है। करीब 2,395 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद परियोजना स्थल पर प्रारंभिक सर्वेक्षण और मिट्टी परीक्षण का काम शुरू कर दिया गया है।


करीब 2.06 किलोमीटर लंबे इस केबल-स्टेड पुल की शुरुआत मढ जेट्टी रोड से होगी और यह खाड़ी को पार करते हुए अंधेरी के वर्सोवा इलाके में फिशरीज यूनिवर्सिटी रोड के पास जुड़ेगा। वर्तमान में मढ और वर्सोवा के बीच कोई सीधा सड़क मार्ग नहीं है, जिसके कारण नागरिकों को लिंक रोड, लोखंडवाला, ओशिवरा या जोगेश्वरी मार्ग से लंबा और समय लेने वाला सफर करना पड़ता है।
पुल के शुरू होने के बाद यात्रा की दूरी करीब 15 से 20 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इसका सीधा लाभ आईएनएस हामला, मढ, मार्वे, मालाड, कांदिवली और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा।इस पुल में 600 मीटर का केबल-स्टेड हिस्सा होगा, जिसमें 300 मीटर का मुख्य स्पैन शामिल रहेगा।
इसके अलावा इसे दहिसर–भायंदर कोस्टल रोड से जोड़ने के लिए एक अतिरिक्त कनेक्टिंग मार्ग का भी प्रस्ताव है।मनपा अधिकारियों के अनुसार, वन विभाग की अंतिम मंजूरी और उच्च न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद परियोजना का कार्य पूर्ण गति से शुरू किया जाएगा।
इस पुल को 31 मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।यह परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी और पश्चिमी उपनगरों के लाखों नागरिकों के लिए यह पुल किसी वरदान से कम नहीं होगा।



बहुत सुंदर कार्य