मुंबई वार्ता संवाददाता

पुणे के पूर्व महापौर एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने आज महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की उपस्थिति में कांग्रेस पार्टी में प्रवेश किया। इस अवसर पर उनके साथ पुणे से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कई पदाधिकारियों ने भी कांग्रेस में प्रवेश किया। कई दलों के आमंत्रण होने के बावजूद प्रशांत जगताप ने कांग्रेस पार्टी को प्राथमिकता दी।


महानगरपालिका चुनावों की पृष्ठभूमि में प्रशांत जगताप का कांग्रेस में प्रवेश पार्टी के लिए मजबूती देने वाला माना जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने जगताप और उनके सभी साथियों का कांग्रेस पार्टी में स्वागत किया।


कांग्रेस मुख्यालय तिलक भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, विधानसभा कांग्रेस दल के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व मंत्री नसीम खान, गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव बी. एम. संदीप, विधायक हेमंत ओगले, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज मोरे, वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे, महासचिव भाऊसाहेब आजबे, धनंजय शिंदे सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि शिव, शाहू, फुले और आंबेडकर की विचारधारा और कांग्रेस पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। राजनीतिक दल विचारधारा के आधार पर काम करते हैं और कांग्रेस पार्टी वैचारिक संघर्ष को निष्ठा और दृढ़ता के साथ लड़ रही है। लेकिन आज कुछ दल केवल सत्ता और सत्ता के माध्यम से भ्रष्ट तरीके से पैसा कमाने तथा उसी पैसे के बल पर चुनाव जीतने का काम कर रहे हैं। पैसा फेंको और तमाशा देखो का खेल ज़ोरों पर है। कांग्रेस की विचारधारा देश को बचाने वाली है और प्रशांत जगताप ने आज कांग्रेस के विशाल महासागर में प्रवेश किया है, उनका पार्टी में स्वागत है।कांग्रेस पार्टी के पास विचारों की विरासत है।
समानता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के मूल्यों के लिए कांग्रेस का संघर्ष है। दूसरी ओर जातिवादी और मनुवादी विचारधारा वाली भाजपा है। भाजपा की भूमिका केवल कुछ गिने-चुने लोगों के हाथों में राजनीतिक सत्ता और धार्मिक सत्ता केंद्रित रखने की है। कुछ लोगों को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और सांसद जैसे सभी पद दिए, लेकिन सत्ता की घुटन के कारण वे कांग्रेस छोड़कर चले गए। लोग उगते सूरज को नमस्कार करते हैं, लेकिन जगताप ने वैचारिक संघर्ष के लिए कांग्रेस पार्टी में प्रवेश किया है।
विधानसभा दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि प्रशांत जगताप राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने जातिवादी दलों के साथ न जाने का स्पष्ट रुख अपनाया और कांग्रेस में प्रवेश किया। विचारों के प्रति प्रतिबद्धता ऐसी ही होनी चाहिए। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू, फुले और आंबेडकर की विचारधारा से समझौता न करने वाले नेता हैं। उन्हें कई प्रस्ताव मिले, रोकने के प्रयास हुए, लेकिन उन्होंने प्रगतिशील शाहू–फुले–आंबेडकर की विचारधारा नहीं छोड़ी। ऐसे नेता अगर हमारे साथ हैं तो 2029 हमारा होगा, ऐसा विश्वास वडेट्टीवार ने व्यक्त किया।
पूर्व मंत्री नसीम खान ने कहा कि आज देश के सामने लोकतंत्र और संविधान को बचाने की बड़ी चुनौती है। किसान, महिलाएं और बेरोजगारों से जुड़े गंभीर सवाल हैं, कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन किसी को न्याय नहीं मिल रहा। इन ज्वलंत मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी संघर्ष कर रही है। राज्य और देश में जातिवाद और भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। भाजपा ने झूठ बोलकर जनता को गुमराह किया है। तोड़-फोड़ की राजनीति भाजपा की नीति है। ऐसे समय में देश को केवल कांग्रेस की विचारधारा ही बचा सकती है।प्रशांत जगताप ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 135 वर्ष पुरानी है, एक अथाह महासागर की तरह है। कितने भी तूफान आएं, कांग्रेस हिमालय की तरह मजबूती से खड़ी रहती है। मैं प्रगतिशील विचारों का कार्यकर्ता हूं और शिव, शाहू, फुले, आंबेडकर, गांधी और नेहरू की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस में प्रवेश किया है। मेरी लड़ाई जातिवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ है और आज भाजपा को केवल कांग्रेस पार्टी ही चुनौती दे सकती है।
● कांग्रेस के नव-निर्वाचित नगराध्यक्षों का सत्कार
नगरपालिका और नगरपंचायत चुनावों में कांग्रेस पार्टी के 41 नगराध्यक्ष विजयी हुए हैं। इन विजयी नगराध्यक्षों का आज तिलक भवन में प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ, विधानसभा दल के नेता विजय वडेट्टीवार और प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में भव्य सत्कार किया गया।
नगरपालिका चुनावों में 1006 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं, जबकि 100 नगरपालिकाओं में कांग्रेस पार्टी दूसरे स्थान पर रही है। इन चुनावों में सत्ताधारी दलों ने धन का भारी दुरुपयोग किया, पुलिस का इस्तेमाल किया और चुनाव आयोग उनके पक्ष में खड़ा दिखाई दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धमकाया गया, उनके साथ मारपीट हुई और झूठे मामले दर्ज किए गए, फिर भी कांग्रेस का कार्यकर्ता डटा रहा और संघर्ष करते हुए सफलता हासिल की। आज राज्य में कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल बनकर उभरी है।
संख्या 41 भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सफलता उल्लेखनीय है। जो विजयी हुए उन्हें बधाई है और जो पराजित हुए उन्हें भी बधाई, क्योंकि उन्होंने पूरे संकल्प के साथ संघर्ष किया, ऐसा प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।आगामी महानगरपालिका चुनावों के लिए ‘कांग्रेस लड़ेगी, महाराष्ट्र जीतेगा’ इस टैगलाइन और टीज़र का भी इस अवसर पर विमोचन किया गया।



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