● निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री नरहरी झिरवाल को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए.
मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल के कार्यालय के एक कर्मचारी को मंत्रालय में घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एसीबी) ने मंत्री के कार्यालय को ही सील कर दिया है। इस घटना ने भाजपा महायुति सरकार की साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। इस घूसखोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मंत्री नरहरी झिरवाल को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।


मंत्रालय में घूसखोरी के मुद्दे पर बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जनता को सरकार अपने करीब महसूस हो, इस उद्देश्य से राज्य सरकार के मुख्यालय ‘सचिवालय’ का नाम बदलकर ‘मंत्रालय’ रखा गया था। लेकिन भ्रष्ट भाजपा महायुति सरकार ने मंत्रालय को ‘भ्रष्टाचारालय’ बना दिया है।
झिरवाल के कार्यालय के लिपिक ने वरिष्ठों के निर्देश पर घूस लेने की बात भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के अधिकारियों को बताई है, ऐसी जानकारी सामने आ रही है, जो और भी अधिक चौंकाने वाली तथा गंभीर है। इसलिए मंत्री नरहरी झिरवळ सहित उनके कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की भी गहन जांच होनी चाहिए।
“यदि संबंध पाए गए तो इस्तीफा दूंगा” ऐसी भूमिका मंत्री नरहरी झिरवाल ने रखी है, लेकिन नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर, जब उनके ही कार्यालय में खुलेआम घूसखोरी सामने आई है, तो निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें तत्काल मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


